उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत ने कहा- राजकुमार रोत भ्रम फैलाने की राजनीति कर रहे हैं। राजकुमार रोत और उसकी पार्टी समाज में और क्षेत्र में भ्रम फैला रहे हैं। ये लोग कहते हैं आदिवासी हिंदू नहीं हैं। ये नारा मूल रूप से पादरी वैरियर एल्विन का है। ये वैरियर एल्विन का नारा आगे क्यों बढ़ा रहे हैं, पादरियों की बात क्यों कर रहे हैं? ये जब अलग धर्म की बात करते हैं तो कैथोलिक चर्च का एजेंडा आगे बढ़ाते हैं। ये लोग राष्ट्रविरोधी और आतंकी तत्वों के साथ जुड़े हुए हैं। सांसद रावत जनजाति सुरक्षा मंच की जिला कार्यशाला को लेकर त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में पहुंचे थे। मई में दिल्ली में आयोजित होने वाली विशाल ‘गर्जना रैली’ की तैयारियों को लेकर रणनीति बनाई गई। 5% लोग पूरे समाज का लाभ ले रहे कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता उदयपुर सांसद एवं राष्ट्रीय सदस्य जनजाति सुरक्षा मंच मन्नालाल रावत ने कहा कि 1950 से जनजाति समाज के साथ धोखा हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि धर्मांतरित लोग जनजाति समाज को मिलने वाले लाभों का गलत तरीके से फायदा उठा रहे हैं। रावत ने कहा- समाज के केवल 5% धर्मांतरित लोग, पूरे समाज का 70% लाभ ले रहे हैं। संविधान में संशोधन कर ‘डी-लिस्टिंग’ की व्यवस्था करना अनिवार्य है ताकि केवल मूल जनजाति समाज को ही आरक्षण का लाभ मिले। अब अ हटाने का समय आया सांसद रावत ने कहा- हमें अब और इंतज़ार नहीं करना। डॉ. उरांव ने जिन 6 शब्दों (असंवैधानिक, अलोकतांत्रिक, अवैधानिक, अनैतिक, असामाजिक और अराष्ट्रीय) का उल्लेख किया था, उनमें से ‘अ’ हटाने का समय आ गया है। हमें हमारे पूर्ण संवैधानिक और सामाजिक हक चाहिए। 24 मई को दिल्ली में शक्ति प्रदर्शन बता दें कि समाज के हक की लड़ाई और डी-लिस्टिंग की मांग को लेकर 24 मई को दिल्ली में विशाल गर्जना रैली आयोजित की जाएगी। इसमें देश भर के 752 जनजाति समुदायों के लोग हिस्सा लेंगे। कार्यशाला में उपस्थित पदाधिकारियों ने समाज को जागरूक करने और अधिक से अधिक संख्या में दिल्ली पहुँचने का आह्वान किया। रोत पर दे चुके ये बयान: रोत भीलों के विरोधी: उदयपुर से भाजपा सांसद मन्नालाल रावत ने बांसवाड़ा-डूंगरपुर बीएपी सांसद राजकुमार रोत को भीलों का विरोधी बताया। उन्होंने कहा- संसद में जब वक्फ संशोधन अधिनियम आया था तब राजकुमार रोत ओवैसी और आतंकवादियों को फंडिंग करने वाले एमपी राशिद के साथ खड़े थे। उस समय जनजातियों के हक के विरोध में खड़े थे। सुप्रीम कोर्ट ने कोटे में कोटा आरक्षण वाली व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे। सरकार ये व्यवस्था लागू कर रही थी, लेकिन वे भीलों के आरक्षण का भी विरोध कर रहे थे। लुटेरी गैंग का सरगना रोत: उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने कहा- बीएपी की लुटेरी गैंग का सरगना राजकुमार रोत है। ये लोग मेवाड़-वागड़ को बांग्लादेश बनाना चाहते हैं। ये युवाओं को पत्थरबाज बना रहे हैं, देवताओं का अपमान कर रहे हैं। बांसवाड़ा-डूंगरपुर जिले और धरियावद-आसपुर विधानसभा क्षेत्र के लोग इनसे खुद को लूटा हुआ महसूस कर रहे हैं। बीएपी लुटेरी गैंग के रूप में आगे आई है। इनके बागीदौरा विधायक जयकृष्ण पटेल को ACB ने पकड़ा है। पढ़ें मन्नालाल रावत और राजकुमार रोत से जुड़ी ये खबर भी…. भाजपा सांसद बोले-रोत ने मुझे थप्पड़ मारने की कोशिश की:जान से मारने की धमकी दी; BAP सांसद ने कहा- मन्नालाल रावत उकसा रहे थे सांसद राजकुमार रोत भील आरक्षण के विरोध में: रावत:कहा- संसद में आतंकवादियों को फंडिंग करने वाले एमपी राशिद और ओवैसी के साथ खड़े थे उदयपुर सांसद बोले- राजकुमार रोत लुटेरी गैंग का सरगना:BAP के लोग मेवाड़-वागड़ को बांग्लादेश बनाना चाहते हैं; युवाओं को पत्थरबाज बना रहे धर्म छोड़ने वालों को आरक्षण का अधिकार नहीं- सांसद मन्नालाल:कहा- समाज को तोड़ना चाहते हैं भस्मासुर, हिंदू है आदिवासी


