उदयपुर से प्रदेश की राजधानी जयपुर जाने वाले यात्रियों के लिए अब रेल का सफर किसी चुनौती से कम नहीं रह गया है। पर्यटन नगरी से जयपुर के बीच सुबह की रेल सुविधा लगभग ठप हो गई है। आलम यह है कि सुबह 6 बजे इंटरसिटी एक्सप्रेस के रवाना होने के बाद अगले 9 घंटों तक जयपुर के लिए कोई सीधी ट्रेन उपलब्ध ही नहीं है। यात्रियों को अब सीधे दोपहर 3:05 बजे चलने वाली स्पेशल ट्रेन का इंतजार करना पड़ता है, वरना मजबूरी में रोडवेज या प्राइवेट बसों जैसे महंगे और थकाऊ विकल्पों का सहारा लेना पड़ रहा है। वंदे भारत के पहले फेरे घटाए, फिर पटरी से ही उतार दिया असल में एक साल पहले तक हालात इतने बुरे नहीं थे। उदयपुर से जयपुर के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस यात्रियों की पहली पसंद थी। यह ट्रेन हफ्ते में छह दिन सुबह 8 बजे चलती थी, जिससे बिजनेसमैन और स्टूडेंट्स दोपहर तक जयपुर पहुंचकर अपना काम निपटा लेते थे। शाम की ट्रेन से वापस उदयपुर लौट आते थे। लेकिन रेलवे प्रशासन ने पहले इसके फेरे घटाकर हफ्ते में तीन दिन किए और फिर 14 फरवरी से इसे पूरी तरह बंद कर दिया। इस फैसले ने उदयपुर के लोगों की सुबह की सबसे बेहतरीन कनेक्टिविटी ही छीन ली है। इंटरसिटी में पैर रखने की जगह नहीं रेलवे प्रशासन की ओर से उदयपुर से जयपुर के लिए फिलहाल सुबह 6 बजे इंटरसिटी एक्सप्रेस चलाई जा रही है, जो दोपहर 1:40 बजे जयपुर पहुंचती है। यह ट्रेन लगभग हर दिन फुल कैपेसिटी के साथ चलती है, जिससे वेटिंग और भीड़ की समस्या बनी रहती है। इसके बाद सीधे दोपहर 3:05 बजे एक स्पेशल ट्रेन चलती है। इन दोनों ट्रेनों के बीच सुबह से दोपहर तक का जो गैप है, वह यात्रियों की परेशानी का सबसे बड़ा कारण है। हालांकि उदयपुर से ऋषिकेश (योगनगरी) के लिए सोमवार, गुरुवार और शनिवार को दोपहर 1:45 बजे ट्रेन रवाना होती है, लेकिन यह जयपुर जाने वाले यात्रियों की भारी भीड़ के आगे ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। स्टूडेंट्स और बिजनेस क्लास पर सबसे ज्यादा मार इस पूरी अव्यवस्था का सबसे बुरा असर मेवाड़ क्षेत्र के उन विद्यार्थियों पर पड़ रहा है जो जयपुर में रहकर पढ़ाई करते हैं। वहीं, व्यापारियों को अपने नियमित कामकाज, मीटिंग्स और माल की बुकिंग के लिए भारी दिक्कतें हो रही हैं। पारिवारिक कार्यक्रमों और सामाजिक आयोजनों में शामिल होने के लिए भी लोगों को अब अतिरिक्त समय और खर्च वहन करना पड़ रहा है। आने वाले दिनों में बच्चों की छुट्टियां शुरू होने वाली हैं, जिससे यात्रियों का दबाव और बढ़ेगा। सुबह 7 से 9 बजे के बीच नई ट्रेन की मांग यात्रियों का कहना है कि अगर उदयपुर से जयपुर के लिए सुबह 7 से 9 बजे के बीच एक नई ट्रेन चलाई जाए, तो इससे बड़ी राहत मिल सकती है। इससे लोग दोपहर तक जयपुर पहुंचकर अपना काम निपटा सकेंगे और उसी दिन शाम को वापस उदयपुर लौट सकेंगे। इस व्यवस्था से न केवल लोगों का समय बचेगा, बल्कि एक ही दिन में कामकाज संभव हो पाएगा।


