उदयपुर शहर के विधायक ताराचंद जैन ने बुधवार को विधानसभा में 272 प्लॉट घोटाले पर सदन में जवाब मांगा। उन्होंने पूछा कि मंत्री के आश्वासन के 15 महीने बाद भी एक भी कर्मचारी क्यों नहीं पकड़ा गया। आखिर अब तक कोई भी सरकारी कर्मचारी इस मामले में क्यों नहीं पकड़ा गया? पहले विधानसभा में 272 अवैध भूखंडों का बड़ा मुद्दा उठा था। खुद उदयपुर के तत्कालीन विधायक गुलाबचंद कटारिया ने भी इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। जांच-पड़ताल में 41 भूखंड पूरी तरह से अवैध पाए गए थे, जिनमें भारी गड़बड़ी मिली थी। मामले में अब तक 10 से ज्यादा लोग जेल जा चुके हैं, लेकिन जैन ने नाराजगी जताते हुए कहा कि 31 दिसंबर 2024 को मंत्री के आश्वासन के बाद भी 15 महीनों में कार्रवाई की रफ्तार बेहद सुस्त है। विधायक ने विधानसभा में कही ये 3 बड़ी बातें… 1. सरकारी कर्मचारी इस मामले में क्यों नहीं पकड़ा गया विधायक ताराचंद जैन ने सदन में सवाल खड़ा किया कि आखिर अब तक कोई भी सरकारी कर्मचारी इस मामले में क्यों नहीं पकड़ा गया? उन्होंने मंत्री से साफ तौर पर सदन में यह भरोसा मांगा कि दोषियों पर कितने दिनों के भीतर सख्त एक्शन लिया जाएगा। जैन ने यह भी याद दिलाया कि इस पूरे मामले को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट भी सख्त है और वह जल्द से जल्द इस केस को निपटाने का आदेश दे चुका है। 2. रजिस्ट्रेशन अनिवार्य रूप से करने पर जोर दिया जैन ने इस मौके पर यूआईटी और निगम की जितनी भी संपत्तियां और खाली भूखंड हैं, उन सभी का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य रूप से करने पर जोर दिया। शहर की 15 खास पहाड़ियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इन्हें ‘नो कंस्ट्रक्शन जोन’ घोषित किया जाना चाहिए ताकि अरावली की पहाड़ियों का अस्तित्व बचा रहे। उन्होंने सरकार को सुझाव दिया कि पहाड़ों को बचाने के लिए जितने भी कड़े कानून बनाए जा सकते हैं, वो तुरंत बनाए जाएं। 3. शहर में आबादी के मुकाबले घनत्व फिलहाल कम उदयपुर की बढ़ती भीड़ और टूरिज्म पर बात करते हुए ताराचंद जैन ने कहा कि 31 दिसंबर को एक ही दिन में करीब ढाई लाख लोग शहर में आए थे। शहर में आबादी के मुकाबले घनत्व फिलहाल कम है, इसलिए भविष्य को ध्यान में रखकर ही मास्टर प्लान तैयार होना चाहिए। विधायक ने जोर देकर कहा कि उदयपुर जैसे बढ़ते शहर के समुचित विकास के लिए सरकार को बड़े और कड़े फैसले लेने होंगे ताकि आने वाले समय में यहां की जनता और पर्यटकों को कोई परेशानी न हो।


