शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अमित शाह और BJP सांसदों के भाषण पर टिप्पणी की। ठाकरे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “BJP और उसके सहयोगियों ने मुसलमानों के बारे में जो चिंता दिखाई है, उससे मुहम्मद अली जिन्ना भी शर्मिंदा हो जाएंगे। BJP हिंदू-मुस्लिम की राजनीति कर रही है। ठाकरे ने BJP को चुनौती दी कि अगर वह मुसलमानों को नापसंद करते हैं तो अपनी पार्टी के झंडे से हरा रंग हटा दें। गुरुवार को अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने वक्फ संशोधन बिल राज्यसभा में पेश किया। बुधवार को 12 घंटे की चर्चा के बाद वक्फ संशोधन बिल पास हो गया। रात 2 बजे हुई वोटिंग में 520 सांसदों ने भाग लिया। 288 ने पक्ष में और 232 ने विपक्ष में वोट डाले थे। BJP वक्फ की जमीन छीनकर अपने उद्योगपति मित्रों को देगी – उद्धव ठाकरे वक्फ विधेयक पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए ठाकरे ने कहा कि वह विधेयक का विरोध नहीं कर रहे हैं, बल्कि भाजपा के दोहरे मानदंडों का विरोध कर रहे हैं। शिवसेना प्रमुख ने कहा, “मैंने यह नहीं कहा कि मैं विधेयक का समर्थन करता हूं। मैंने विधेयक का विरोध नहीं किया है, लेकिन मैंने भाजपा के दोहरे मानदंडों का विरोध किया है। विधेयक में निश्चित रूप से कुछ अच्छी बातें हैं, लेकिन उन्हें इसका इस्तेमाल राजनीति के लिए नहीं करना चाहिए। इसका हिंदुत्व से कोई लेना-देना नहीं है।” ठाकरे ने आरोप लगाया कि यह विधेयक वक्फ की जमीन छीनकर अपने उद्योगपति मित्रों को देने की BJP की चाल है। वक्फ बिल पर उद्धव ठाकरे और देवेंद्र फडणवीस की बयानबाजी शिवसेना छोड़ने बाद एकनाथ शिंदे आरोप लगाते रहे कि उद्धव ठाकरे ने शिवसेना संस्थापक बाला साहेब ठाकरे के हिंदुत्व और उनके विचारों पर यू-टर्न ले लिया है। हिंदुत्व के दम पर ही शिंदे खुद को बाल ठाकरे का उत्तराधिकारी बताते रहे। वक्फ बिल पर बहस शुरू होने से पहले महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने उद्धव ठाकरे पर हमला किया। फडणवीस ने कहा ” संसद में वक्फ संशोधन बिल! देखते हैं कि क्या उद्धव हिंदू हृदय सम्राट और आदरणीय शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे की सेना के विचारों को कायम रखेंगे या फिर राहुल गांधी के पदचिन्हों पर चलते हुए उनकी खुशामद करते रहेंगे? जैसी उम्मीद थी कि बीजेपी विरोध में उतरी उद्धव सेना ने वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ वोट डाले और बीजेपी को राजनीतिक हमले के लिए हथियार थमा दिया।” इसके जवाब में ठाकरे ने कहा, “मैं फडणवीस से पूछना चाहता हूं कि वह अटल बिहारी वाजपेयी की विचारधारा का पालन करेंगे या जिन्ना की। फडणवीस तब बच्चे थे, जब बालासाहेब ठाकरे ने मुस्लिम समुदाय को BKC में नमाज अदा करने के लिए जमीन दी थी, जिसका इस्तेमाल उनके कार्यकाल के दौरान बुलेट ट्रेन के लिए किया गया। बालासाहेब की विचारधारा को समझने के लिए वह बच्चे ही थे। उन्हें हमें नहीं सिखाना चाहिए।” ठाकरे ने चीन की घुसपैठ को लेकर भी पूछा सवाल ठाकरे ने पूर्वी लद्दाख में चीन की घुसपैठ को लेकर भी केंद्र से सवाल किया। उन्होंने कहा, “पीओके की जमीन और चीन की घुसपैठ का क्या हुआ? क्या सरकार को देश में सिर्फ़ वक्फ बोर्ड की जमीन की चिंता है?” वक्फ संशोधन बिल बुधवार को लोकसभा में पास होने के साथ महाराष्ट्र की राजनीति में खलबली मच गई। इसके विरोध में 232 सांसदों ने वोटिंग की, जिसमें उद्धव ठाकरे की शिवसेना के 9 सांसदों शामिल है। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और नागरिकता संशोधन अधिनियम को समर्थन देने वाले उद्धव ठाकरे ने इस बार अपना हाथ खींच लिया। ठाकरे ने कहा कि अनुच्छेद 370 का हमने समर्थन किया था। उन्होंने सौगात ए मोदी किट पर तंज कसते हुए कहा, ”ईद हुई है, सब ने ईद में बहुत कुछ खा कर डकार दिया। कल यह विधेयक किरण रिजिजू ने पेश किया। जिन्होंने गोमांस को लेकर बयान दिया था।” कांग्रेस सांसद बोले- बिल टारगेटेड और धर्म के आधार पर है कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने कहा- ये लोग जितने अमेंडमेंट्स लाए हैं, वो संविधान के खिलाफ हैं। ये वन नेशन, वन लॉ बोलते हैं, लेकिन इसे वॉयलेट करते हैं। देश में जितने हिंदू, मुसलमान, सिख, ईसाई हैं, सबके लिए एक कानून होना चाहिए। ये लोग भेदभाव कर रहे हैं। मैं दावे के साथ कहता हूं कि बिल टारगेटेड है। आप जिस तरह के कानून लेकर आ रहे हैं, वे धर्म के आधार पर हैं। _______________- वक्फ संशोधन बिल से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… वक्फ बिल पर राज्यसभा में चर्चा जारी: किरेन रिजिजू बोले- वक्फ में गैर-मुस्लिमों का दखल नहीं होगा, कांग्रेस ने कहा- यह मुस्लिमों के खिलाफ अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को वक्फ संशोधन बिल राज्यसभा में पेश किया। उन्होंने कहा कि व्यापक चर्चा के बाद तैयार किए गए बिल को जेपीसी के पास भेज दिया गया था। पूरी खबर पढ़ें…


