उपराष्ट्रपति बोले-सीमाएं मत रखिए, भयमुक्त होइए:सिरसा में 762 स्टूडेंट्स को बांटी डिग्रियां, ओपी चौटाला म्यूजियम का किया उद्घाटन; मंत्री गंगवा रहे साथ

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ आज सिरसा के दौरे पर रहे। उन्होंने ओढ़ा स्थित माता हरकी देवी कॉलेज के दीक्षांत समारोह में 362 स्टूडेंट्स को डिग्री वितरित की। उन्होंने कहा कि सीमाएं मत रखिए, भयमुक्त होकर आगे बढ़िए​​​​​। ​उन्होंने संस्थान के स्टूडेंट्स व फैकल्टी को भारतीय संसद में मेहमान के रूप में इनवाइट किया। धनखड़ ने कहा कि सबको मेरी तरफ से लंच रहेगा। हर स्टूडेंट को रिसीव करने का मुझे मौका मिलेगा। उपराष्ट्रपति ने कहा कि मेरी हैसियत चौधरी देवीलाल के साथी की नहीं हो सकती, मैं तो उनके चरणों में रहा हूं। वहीं, इसके बाद उन्होंने सिरसा शहर में जेसीडी विद्यापीठ में 400 स्टूडेंट्स को डिग्री बांटी। उनके साथ मंत्री रणबीर गंगवा और पूर्व विधायक अभय चौटाला भी मौजूद रहे। ओपी चौटाला म्यूजियम का किया उद्घाटन ​​उपराष्ट्रपति ने हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री स्व.ओमप्रकाश चौटाला के नाम से जेसीडी विद्यापीठ में बने म्यूजियम का भी उद्घाटन किया। इस म्यूजियम में स्व.चौटाला से जुड़ी यादों को संजोकर रखा जाएगा। जेसीडी में कार्यक्रम निपटाने के बाद उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ डबवाली रोड स्थित अभय चौटाला के आवास पर लंच करने पहुंचे। मेरे लिए संस्था में आना तीर्थ में आने जैसा- धनखड़ उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने पूर्व उपप्रधानमंत्री स्व.चौधरी देवीलाल को याद करते हुए कहा कि आज मैं जो कुछ भी हूं, उसकी जड़ में चौधरी देवीलाल का संपूर्ण योगदान है। मेरी राजनीतिक शिक्षा दीक्षा चौधरी देवीलाल के चरणों से शुरू हुई है। ओढ़ा में चौधरी देवीलाल की धर्मपत्नी के नाम पर बनी संस्था में आना, मेरे लिए तीर्थ में आने जैसा है। चौधरी देवीलाल व्यक्ति नहीं बल्कि एक सोच थे। मुझे याद है कि जयपुर में पहली बार उनके दर्शन किए थे। उस समय उन्होंने ही कहा था कि चुनाव लड़ना है, लीडर बनो। जब भी जीवन में मेरे सामने शंका होती है या अलग विचार आते हैं, तो मैं पूरी तरह से चौधरी देवीलाल की शिक्षा व दीक्षा की तरफ झुक जाता हूं और किसान व गांव के हित को सर्वोपरि रखता हूं। यही मेरी जड़ें हैं। पिछले एक दशक में अर्थव्यवस्था ने चमत्कारिक छलांग लगाई उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में भारत में अर्थव्यवस्था, संस्थागत ढांचे में जो छलांग आई है, वह अकल्पनीय और चमत्कारिक है। दुनिया अचंभित है कि जो अर्थव्यवस्था डगमगा रही थी, उसमें इतना स्थायित्व कहां से आ गया। आज के दिन हमारी अर्थव्यवस्था पांचवें पायदान पर है। सदियों तक जिन्होंने हम पर राज किया, हम उनसे आगे निकल गए हैं। नारी शक्ति का बड़ा महत्व – उपराष्ट्रपति उपराष्ट्रपति ने युवाओं से कहा कि दीक्षांत समारोह माइल स्टोन होता है। दीक्षांत समारोह शिक्षांत नहीं है। शिक्षा जीवन भर चलेगी। आज के दिन हमारे देश के युवक-युवतियों के लिए अपार संभावनाएं हैं। वह अपनी आकांक्षाओं की पूर्ति कई माध्यमों से कर सकते हैं। चाहे आकाश हो या अंतरिक्ष भारत की छलांग हर क्षेत्र में दिख रही है, पर इस सब में सबसे बड़ा महत्व नारी शक्ति का है। एक तिहाई उपस्थिति विधानसभाओं व लोकसभा में निश्चित है। हरियाणा विधानसभा में यह संख्या 30 से ज्यादा होगी। सीमाएं मत रखिए, भयमुक्त होइए- उपराष्ट्रपति उन्होंने कहा कि किसान परिवार से विशेष जो बच्चे-बच्चियां आते हैं, उनकी सोच में बदलाव की आवश्यकता है। लाल बहादुर शास्त्री ने कहा था जय जवान, जय किसान। यह बहुत बड़ी बात कही थी। अटल बिहारी वाजपेयी ने इसमें जोड़ दिया, जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान। वर्तमान प्रधानमंत्री ने एक कदम और आगे बढ़ते हुए कहा, जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान। मैं कहना चाहता हूं, जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान व जय पहलवान। उन्होंने कहा कि हरियाणा में देश का अन्नदाता रहता है। देश की सुरक्षा के प्रहरी यहां से जाते हैं। इसलिए मैं कहता हूं कि आज के दिन हर किसान परिवार को सोचने की जरूरत है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बदलाव लाइए। यह बदलाव हमारे बालक-बालिकाएं करेंगे। धनखड़ ने कहा कि कृषि उत्पादन का कितना बड़ा व्यापार है। हमारी भागीदारी क्यों नहीं है। मैं अपील करूंगा कि अपने लिए सीमाएं मत रखिए। भयमुक्त होइए। असफलता से बिल्कुल मत डरिए। असफलता सफलता की कुंजी है। पहले प्रयास में ही अधिकांश लोग सफल नहीं होते हैं। उनको असफल मत कहिए। आपके लिए संभावनाओं का टोकरा बढ़ता जा रहा है। सोच बड़ी रखिए। सिरसा शहर में पुलिस की रही सख्ती उपराष्ट्रपति के दौरे के चलते जिला प्रशासन से लेकर पुलिस विभाग तक पूरी तरह अलर्ट रहा। सुरक्षा व्यवस्था से लेकर ट्रैफिक व्यवस्था तक को लेकर पुलिस की सख्ती रही। जेसीडी में कार्यक्रम में शामिल होने के लिए विद्यार्थियों व अतिथियों को कड़ी सुरक्षा से गुजरना पड़ा। उपराष्ट्रपति के आगमन से काफी देर पहले ही जेसीडी की तरफ जाने वाले मुख्य रास्ते पर पुलिस ने आवाजाही बंद करवा दी।
​इन कॉलेजों के स्टूडेंट्स को मिली डिग्रियां जेसीडी विद्यापीठ के डायरेक्टर डॉ. जयप्रकाश के अनुसार, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के हाथों विद्यापीठ के अलग-अलग छह कॉलेजों के 400 स्टूडेंट्स को डिग्री मिली। इनमें जेसीडी डेंटल कॉलेज, जेसीडी कॉलेज ऑफ फार्मेसी, जेसीडी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, जेसीडी इंस्टीट्यूट ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट, जेसीडी कॉलेज ऑफ एजुकेशन, जेसीडी मेमोरियल पीजी कॉलेज के स्टूडेंट्स शामिल रहे।

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