सरायकेला । नगरपालिका आम निर्वाचन– 2026 की तैयारियों को लेकर प्रशासन ने गतिविधियां तेज कर दी हैं। शुक्रवार को जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह ने काशी साहू महाविद्यालय परिसर का निरीक्षण कर डिस्पैच सेंटर, स्ट्रांग रूम व मतगणना केंद्र की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने पेयजल, शौचालय, विद्युत आपूर्ति, सुरक्षा व्यवस्था, बैरिकेडिंग व पार्किंग समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को सभी तैयारियां समयबद्ध एवं त्रुटिरहित ढंग से पूर्ण करने का निर्देश दिया, ताकि निर्वाचन प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके। उपायुक्त ने महाविद्यालय में निर्वाचन सामग्रियों के पैकेजिंग स्थल का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक पैकेट में निर्धारित सूची के अनुसार सभी आवश्यक सामग्री अनिवार्य रूप से शामिल की जाएं। पैकिंग पूर्ण होने के बाद प्रत्येक पैकेट की जांच सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि किसी प्रकार की त्रुटि की संभावना न रहे। मौके पर निदेशक डीआरडीए अजय तिर्की, अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी गिरिजा शंकर महतो, उप निर्वाचन पदाधिकारी सुरेंद्र उरांव सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे। भास्कर न्यूज | सरायकेला नगर पंचायत चुनाव को लेकर शनिवार को राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर रहेगी। मतदान से ठीक पहले उम्मीदवार ताकत का प्रदर्शन करते नजर आएंगे। चुनाव आयोग के निर्देशानुसार शाम ढलते ही प्रचार-प्रसार के लिए लगाए गए भोंपू और लाउडस्पीकर बंद हो जाएंगे। इसके बाद प्रत्याशी केवल डोर-टू-डोर जनसंपर्क के माध्यम से ही मतदाताओं से संवाद कर सकेंगे। अध्यक्ष पद के उम्मीदवार एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ में पूरी ताकत झोंकेंगे। अंतिम दिन मतदाताओं को रिझाने के लिए कई स्थानों पर चुनावी सभाओं का भी आयोजन किया गया है। समर्थकों की भीड़, नारेबाजी और जनसंपर्क अभियानों से नगर पंचायत का माहौल पूरी तरह चुनावी रंग में रंगा नजर आ रहा है। प्रशासन भी शांतिपूर्ण व निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने के लिए सतर्क है और कानून-व्यवस्था पर पैनी नजर बनाए हुए है। इस बार का मुकाबला है काफी रोचक : नगर पंचायत सरायकेला के अध्यक्ष पद पर कुल सात उम्मीदवार खड़े हैं- सभी उम्मीदवार अपने एजेंडे लेकर मैदान में प्रचार प्रसार कर रहे हैं और वोटरों को अपनी और आकर्षित कर रहे हैं। इस बार का चुनाव परिणाम काफी रोचक हो सकता है, क्योंकि इस चुनाव में राजनीतिक समीकरण हाशिये पर चले गए हैं और जातीय समीकरण उभर कर सामने आए हैं।


