उमरिया जिले से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 43 पर प्रस्तावित चार रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण कार्य एक बार फिर समय सीमा में बांध दिया गया है। संबंधित ठेका कंपनी को 31 मार्च तक सभी अधूरे काम पूरे करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित तिथि तक निर्माण पूर्ण न होने पर टेंडर निरस्त कर नया टेंडर जारी करने की चेतावनी दी गई है। जानकारी के अनुसार, इन ओवरब्रिज के निर्माण की प्रक्रिया वर्ष 2017 से चल रही है। मुख्य सड़क का निर्माण तो पूरा हो चुका है, लेकिन चारों रेलवे ओवरब्रिज अब तक अधूरे हैं। इन अधूरे कार्यों के कारण ब्रिज के दोनों ओर करीब एक-एक किलोमीटर से अधिक सड़क जर्जर स्थिति में है। इस स्थिति से वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे फाटक बार-बार बंद रहने से आवागमन बाधित होता है और लोगों का समय भी बर्बाद होता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि फाटक अक्सर बंद मिलता है, जिससे जाम की स्थिति बन जाती है। यह परियोजना मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम के शहडोल संभाग के अंतर्गत आती है। संभागीय अधिकारियों ने ठेका कंपनी तिरुपति बिल्ड कंस्ट्रक्शन कंपनी को पहले दिसंबर, फिर फरवरी और अब 31 मार्च तक की अंतिम समय सीमा दी है। संभागीय प्रबंधक अवधेश स्वर्णकार ने बताया कि 31 मार्च तक कार्य पूर्ण करना अनिवार्य है। यदि कंपनी तय समय में निर्माण पूरा नहीं करती है, तो ठेका निरस्त कर नई निविदा जारी की जाएगी, ताकि काम जल्द से जल्द पूरा कराया जा सके।


