झालावाड़ जिले के खानपुर उपखंड क्षेत्र की सरखंडिया पंचायत के उम्मेदपुरा गांव में 21 लाख रुपए की लागत से एक आदर्श मुक्तिधाम का निर्माण और सौंदर्यीकरण किया गया है। यह परिसर, जो पहले कंटीली झाड़ियों, उबड़-खाबड़ जमीन, बारिश में जलभराव और टूटे-फूटे टीनशेड की समस्याओं से ग्रस्त था, अब हरियाली, स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं से युक्त एक शांतिपूर्ण स्थल में बदल गया है। मुक्तिधाम का यह समग्र विकास चरणबद्ध तरीके से किया गया है। परिसर में 11 लाख रुपये की लागत से एक मजबूत चारदीवारी का निर्माण किया गया, जिससे यह स्थान सुरक्षित और व्यवस्थित हो गया। मनरेगा योजना के तहत 3 लाख रुपये के विकास कार्य कराए गए। इसके अतिरिक्त, 7 लाख रुपए की लागत से मिट्टी भराई कर जमीन को समतल बनाया गया, ताकि बारिश के दौरान जलभराव की समस्या से निजात मिल सके। परिसर में 200 से अधिक पौधे लगाए गए हैं, जिनमें बड़, पीपल, रुद्राक्ष, बिलपत्र, आम, अशोक और नीम जैसे छायादार, फलदार, औषधीय और शोपीस प्रजातियों के पौधे शामिल हैं। इन पौधों की नियमित देखभाल की भी व्यवस्था की गई है।
अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के लिए मुक्तिधाम में कई आवश्यक आधारभूत सुविधाएं विकसित की गई हैं। अंतिम संस्कार स्थल पर एक चबूतरे का निर्माण कर उस पर टीनशेड लगाया गया है, ताकि धूप और बारिश से बचाव हो सके। अर्थी रखने के लिए भी एक अलग स्थान निर्धारित किया गया है। शोक संतप्त परिजनों के लिए प्रतीक्षालय, शौचालय और स्नानगृह की व्यवस्था की गई है। अंतिम संस्कार के दौरान बैठने के लिए आरामदायक कुर्सियां और पेयजल की समुचित व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। प्रशासक कमलेश मेहता ने बताया कि पंचायत क्षेत्र में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है और सार्वजनिक स्थलों को आदर्श स्वरूप देने का प्रयास जारी रहेगा। उम्मेदपुरा का यह आदर्श मुक्तिधाम न केवल बुनियादी सुविधाओं से सुसज्जित है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता का भी महत्वपूर्ण संदेश देता है।


