भास्कर न्यूज | गिरिडीह शहर के शास्त्रीनगर अमित बरदियार घाट में आयोजित उसरी महोत्सव के दूसरे दिन शनिवार को कई प्रतियोगिताओं और कार्यक्रम का आयोजन किया गया। दिन के 11 बजे से बालू खेलकूद कार्यकर्म के तहत कब्बड्डी, खो-खो, फुटबॉल आदि का खेल हुआ। खेल का नेतृत्व नूरुल होदा, मो. चांद कर रहे थे। शाम 5-9 बजे गोष्ठी और भाषण के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जो रात के दस बजे तक चला। तन्नू श्री दत्ता, इशिका घोष ने बंगला गीत पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत कर सबका मन मोहा। दूसरे दिन के समारोह में बतौर मुख्य अतिथि सीसीएल जीएम बासव चौधरी ने कहा कि उसरी नदी में छिलका डैम बनाने के लिए सीसीएल ने 4 करोड़ रुपए का सेंक्शन किया है। इसके पहले 2 करोड़ रुपए का सेंक्शन किया गया था पर डीपीआर 4 करोड़ रुपए का बनाए जाने पर राशि बढ़ा दिया गया है। उसरी नदी के बारे में बंगाल में ही रविन्द्र नाथ टैगोर की कविता में पढ़ा था। इसलिए मेरे दिल में उसरी नदी बसा हुआ है। इंजीनियर विनय सिंह ने कहा कि उसरी नदी को बचाने के लिए आलोचना करना जरूरी नहीं है बल्कि इस अभियान में आगे आने की जरूरत है। मनरेगा लोकपाल धरनीधर प्रसाद ने कहा हम सभी को उसरी बचाने का सामूहिक प्रयास जरूरी है। समाजसेवी पंकज शाह ने कहा कि जल है तो कल है। जब तक जंगल है तभी तक जमीन है। इनर व्हील क्लब की पूनम सहाय ने कहा कि उसरी नदी बहुत सुंदर है। लेकिन, कहीं कहीं खराब स्थिति में है, जिसे बचाना जरूरी है। सबाना रब्बानी ने कहा कि पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए पेड़ लगाएं। मंच संचालन कर रहे उसरी बचाव अभियान के कोर कमिटी के संयोजक राजेश सिन्हा ने कहा कि जिले भर के लोगों को उसरी बचाव अभियान से जोड़ेंगे और पर्यावरण संरक्षण को लेकर उसरी के उद्दगम स्थल से आंदोलन शुरू कर उसरी फॉल तक आंदोलन करेंगे। सेवानिवृत्त शिक्षक प्रवीण कुमार सिन्हा ने जल बचाने की विधि के बारे बताया। मौके पर सतीश कुंदन, अनिल कुमार सिन्हा विपिन कुमार सिन्हा, आलोक मिश्रा, सुनील मंथन शर्मा, मुन्ना सिन्हा, मुन्ना कुशवाहा, संगीता सिन्हा आदि उपस्थित थे।


