बीजापुर| जिले के उसूर ब्लॉक में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए सहजिनी प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। ग्राम पंचायत आवापल्ली, बासागुड़ा और मुरदंडा में 90 से ज्यादा स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को 42 दिनों का जीवन कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण महिलाओं के सर्वांगीण विकास को देखते हुए तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना, वित्तीय जागरूकता बढ़ाना और विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रति महिलाओं को सजग व सक्षम बनाना है। सहजिनी प्रोजेक्ट को कलेक्टर संबित मिश्रा, जिपं सीईओ नम्रता चौबे, जपं उसूर सीईओ प्रभाकर चंद्राकर के मार्गदर्शन में मंजूरी दी गई है। परियोजना को पिरामल फाउंडेशन की मदद से चलाया जा रहा है, जिसे स्नेहा लावणकर ने लॉन्च किया। प्रशिक्षण में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े प्रशिक्षित पीआरपी ने पारिवारिक व सामुदायिक स्तर पर प्रभावी निर्णय लेने, आत्मविश्वास बढ़ाने, बचत एवं बैंकिंग प्रणाली को समझने, सरकारी योजनाओं का फायदा लेने प्रेरित किया जा रहा है।


