छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ में एंबुलेंस न मिलने के कारण एक बुजुर्ग ने अपनी बीमार पत्नी को बैलगाड़ी से अस्पताल पहुंचाया। हीरादास कोठले बाजार अतरिया के रगरा गांव के निवासी हैं। सोमवार को पत्नी की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक ले जाने के लिए मजबूरन बैलगाड़ी का सहारा लेना पड़ा। पत्नी की हालत ऐसी थी कि वह साइकिल या बाइक पर नहीं बैठ सकती थीं। अस्पताल के बाहर बैलगाड़ी पर मरीज को देखकर लोग हैरान रह गए। किसी ने उनकी तस्वीर को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी। जिसके बाद प्रशासन पर सवालों की बौछार शुरू हो गई। बाजार अतरिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत 6 उप-स्वास्थ्य केंद्र और 43 गांव आते हैं। इसके बावजूद यहां एंबुलेंस की सुविधा का अभाव है। क्षेत्रवासियों और अस्पताल कर्मचारियों ने कई बार एंबुलेंस की मांग की, लेकिन कोई ठोस पहल नहीं हुई। कॉल किया होता तो एंबुलेंस जरूर पहुंचती- BMO खैरागढ़ के बीएमओ डॉ. विवेक बिसेन का कहना है कि यदि 108 सेवा को कॉल किया गया होता तो एंबुलेंस पहुंच सकती थी। लेकिन सवाल यह है कि यदि यह सेवा इतनी सुगम होती, तो हीरादास को बैलगाड़ी का सहारा क्यों लेना पड़ता? तस्वीर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सफाई देने में जुट गए हैं। वहीं बुजुर्ग हीरादास की पत्नी की हालत अब स्थिर है और वह घर लौट चुकी हैं।


