एआई समिट का आखिरी दिन:चीप मैन्युफैक्चरिंग के लिए भारत-अमेरिका के बीच ‘पैक्स सिलिका’ समझौता, मोदी-ट्रम्प की मुलाकात जल्द

नई दिल्ली में चल रहे ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ का आज 20 फरवरी को पांचवां और आखिरी दिन है। समिट के अंतिम दिन भारत और अमेरिका ने ‘पैक्स सिलिका’ डिक्लेरेशन पर साइन किए हैं। यह समझौता सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन, चिप डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में मील का पत्थर माना जा रहा है। सरकार को उम्मीद है कि इस समिट के बाद अगले दो सालों में भारत को टेक्नोलॉजी सेक्टर में 200 बिलियन डॉलर यानी, करीब 16.6 लाख करोड़ रुपए का निवेश मिलेगा। अश्विनी वैष्णव बोले- सेमीकंडक्टर का हब बनेगा भारत केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने समिट में पैक्स सिलिका समझौते की अहमियत बताते हुए कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने पूरी दुनिया में भारत के प्रति विश्वास पैदा किया है। उन्होंने कहा कि दुनिया भारत पर इसलिए भरोसा करती है क्योंकि हम इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP) का सम्मान करते हैं। पैक्स सिलिका समझौता हमारे देश में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूती से स्थापित करने के लिए बहुत जरूरी है। हम सिर्फ एक समिट नहीं कर रहे, बल्कि युवा पीढ़ी के भविष्य की नींव रख रहे हैं। मोदी और ट्रम्प की जल्द हो सकती है मुलाकात समिट में शामिल हुए भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इस आयोजन को बेहद प्रभावशाली बताया। जब उनसे पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मुलाकात के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने संकेत देते हुए कहा- बने रहिए। मुझे यकीन है कि सही समय पर यह मुलाकात जरूर होगी। विकासशील देश में होने वाली पहली AI समिट यह अपनी तरह का पहली एआई समिट है जो विकासशील देश में हो रही है। 5 दिन की समिट में दुनिया भर के लीडर्स, मंत्रियों और टेक कंपनियों के सीईओ ने हिस्सा लिया। समिट के दौरान टेक कंपनियों ने भारत में कई नए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और डील्स का एलान किया है। आज शाम को ये लीडर्स AI को संभालने और इसके रिस्क को कम करने पर एक साझा विजन पेश करेंगे। निवेश का ‘सुनामी’: 200 बिलियन डॉलर आने की उम्मीद इस समिट के जरिए भारत ने खुद को ग्लोबल AI और चिप मैन्युफैक्चरिंग के केंद्र के रूप में पेश किया है। सरकार का अनुमान है कि अगले दो साल में देश में एआई, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और एडवांस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में 200 बिलियन डॉलर का निवेश आएगा। रिलायंस और टाटा जैसे भारतीय ग्रुप्स के साथ ग्लोबल कंपनियों की पार्टनरशिप इस निवेश को धरातल पर उतारने में मदद करेगी। नॉलेज बॉक्स: क्या है ‘पैक्स सिलिका’? यह भारत और अमेरिका के बीच हुआ एक रणनीतिक समझौता है। इसका मुख्य उद्देश्य चीन पर निर्भरता कम करके सेमीकंडक्टर (चिप) की सप्लाई चेन को सुरक्षित बनाना है। इसके तहत दोनों देश मिलकर चिप डिजाइन, रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग पर काम करेंगे।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *