शहर में फिटनेस को लेकर जागरूकता बढ़ी है, लेकिन इसके साथ एक नया ट्रेंड भी तेजी से उभरा है वजन घटाने के लिए एआई आधारित एप्स पर भरोसा। कुछ क्लिक में कैलोरी काउंट, डाइट चार्ट और वर्कआउट प्लान मिल जाता है। युवाओं से लेकर कामकाजी लोगों तक, कई लोग डॉक्टर से सलाह लेने की बजाय मोबाइल एप्स की सलाह पर खाना-पीना बदल रहे हैं। एक्सपर्ट्स चेतावनी दे रहे हैं कि एआई एक टूल है, लेकिन यह हर शरीर की जरूरत को समझने में सक्षम नहीं। हाल के महीनों में ऐसे मामले सामने आए हैं जहां बिना मेडिकल जांच के डाइट फॉलो करने से लोगों को नुकसान उठाना पड़ा। एआई डाइट ने युवक की सेहत बिगाड़ी चंडीगढ़ रोड के 22 साल के युवक ने एआई डाइट एप पर अपनी रिपोर्ट अपलोड कर डाइट प्लान ले लिया, लेकिन इससे पहले की स्वास्थ्य समस्याओं और दवाइयों के बारे में जानकारी नहीं दी। उसकी पाचन क्षमता खराब हो गई और डाइट से कोई लाभ नहीं हुआ, बल्कि सेहत सेहत बिगड़ गई। डाइट इस्तेमाल में सावधानी जरूरी एआई टूल में दिए गए प्रॉम्प्ट के आधार पर डाइट बनती है, लेकिन लोगों को समझ ही नहीं है और आधी अधूरी जानकारी पर यह 100 प्रतिशत सही सलाह नहीं दे सकता। अक्सर लोग अपनी सेहत या मेडिकल हिस्ट्री सही तरीके से नहीं बताते, जिससे समस्याएं उत्पन्न होती हैं। हाई यूरिक एसिड, मेनोपोज, डायबिटीज, ब्लोटिंग, पाचन सभी का ध्यान रखना जरूरी है। बिना विशेषज्ञ निगरानी के तेजी से वजन घटाने की कोशिश भविष्य में बड़ी समस्या बन सकती है। डाइट शुरू करने से पहले ब्लड टेस्ट और मेडिकल जांच अनिवार्य है। यदि पहले से ब्लड प्रेशर, शुगर या थायरॉयड की समस्या है तो डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। कमजोरी, चक्कर या अनियमितता महसूस होने पर तुरंत डाइट रोककर जांच कराएं। जिम के साथ एआई प्लान, पहुंचा अस्पताल सराभा नगर के 38 साल कारोबारी ने वजन घटाने के लिए एआई एप से हाई-प्रोटीन और इंटरमिटेंट फास्टिंग प्लान अपनाया। साथ ही जिम में भारी वर्कआउट शुरू कर दिया। कुछ ही दिनों में डिहाइड्रेशन और ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव की समस्या हो गई। परिवार उन्हें अस्पताल ले गया। जांच में सामने आया कि पहले से मौजूद बीपी की समस्या को ध्यान में रखे बिना डाइट और फास्टिंग शुरू की गई थी। लो-कार्ब डाइट से बिगड़ी सेहत मॉडल टाउन की 28 साल की आईटी प्रोफेशनल ने एक लोकप्रिय एआई फिटनेस एप डाउनलोड किया। एप ने उनके वजन और उम्र के आधार पर बेहद कम कार्बोहाइड्रेट वाली डाइट बता दी। तीन हफ्तों में वजन जरूर कम हुआ, लेकिन उन्हें लगातार चक्कर, कमजोरी और माइग्रेन की शिकायत रहने लगी। जब जांच करवाई तो पता चला कि शरीर में आयरन और जरूरी मिनरल्स की कमी हो गई है। बिना ब्लड टेस्ट और मेडिकल हिस्ट्री जाने ऐसी सख्त डाइट नुकसानदेह साबित हुई।


