राजस्थान क्राइम फाइल्स के पार्ट–1 में आपने पढ़ा था कि जालोर में 4 जुलाई 2007 की सुबह एक व्यक्ति अपने घर लौटा तब उसका पूरा परिवार (पत्नी, दो बेटे और बेटी) लहूलुहान हालत में बेसुध पड़े थे। वह 3 जुलाई को अपने पैतृक गांव गया था। 4 जुलाई की सुबह लौटा तो घर में यह हालत देखकर उसके होश उड़ गए। आस-पड़ोस में पता चला तो सभी घर में इकट्ठे हुए। पुलिस भी मौके पर पहुंची। घायलों को हॉस्पिटल पहुंचाया। इस दौरान व्यक्ति के एक बेटे की मौत हो गई। उसका शव जालोर अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया। व्यक्ति को समझ नहीं आ रहा था कि उसके परिवार की यह हालत किसने कर दी। घर में कोई लूट या चोरी जैसे भी हालात नहीं लग रहे थे। वह कुछ समझ पाता तब तक हॉस्पिटल में उसकी पत्नी ने भी दम तोड़ दिया था। बेटे और बेटी की जान बचाने के लिए दोनों को पहले जोधपुर में, फिर जयपुर एसएमएस हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया। जयपुर में इलाज के दौरान बेटे की हालत में सुधार हुआ और वह बयान देने की स्थिति में आया। 9 जुलाई को बेटे ने बताया कि घटना की रात उनका पारिवारिक परिचित घर पर आया था। सभी ने साथ में खाना खाया। बारिश बंद होने के बाद वह बाहर गया। वापस लौटा तब वह रबड़ी कुल्फी के चार पैकेट लाया था। इसे सभी ने खाया। उसके बाद बेहोशी छाने लगी। हल्का होश आया तो देखा कि परिचित उसकी बहन पर कुल्हाड़ी से वार कर रहा था। उसने रोकने की कोशिश की तो उस पर भी वार कर दिया। इस बयान के बाद पुलिस ने परिचित को जालोर से गिरफ्तार किया। पूछताछ में वह वारदात से इनकार करता रहा। जयपुर हॉस्पिटल में बेटी की हालत में सुधार हो रहा था। वह भी बयान देने की स्थिति में आई। मजिस्ट्रेट के सामने 12 जुलाई को बेटी ने अपने बयान दिए। बेटी के बयान के बाद स्थिति साफ हुई कि 3 जुलाई की रात को पूरे परिवार पर जो हमला हुआ आखिर उसका कारण क्या था। बेटी का बयान न्यायिक मजिस्ट्रेट संजय त्रिपाठी ने दर्ज किया। बेटी ने बताया कि 3 जुलाई की रात को परिचित घर पर आया। वह भीगा हुआ था। उसने रात घर पर ही रुकने की इच्छा जताई तो मां ने हां कर दी। बेटी ने बताया कि परिचित से पारिवारिक रिश्ते थे। वह उसे भाई मानती थी। रात को कुल्फी खाकर सभी बेहोश हो गए। उसे भी जब बेहोशी छाने लगी तो परिचित ने उसे कहा कि वह उससे बहुत प्यार करता है। वह उसे शादी के लिए हां कर दे तो वह अपनी पत्नी को छोड़ कर उससे शादी करने को तैयार है।
बेटी ने कहा कि वह उसे भाई मानती है। इस पर वह गुस्से में आ गया। उसने कहा कि वह हां बोले नहीं तो वह उसके परिवार काे खत्म कर देगा। वह बार-बार न बोलती रही तो वह कुल्हाड़ी लाया और उससे उसकी मां पर हमला किया। एक भाई की गर्दन और दूसरे भाई के पैर पर वार किए। बेटी की गर्दन पर कुल्हाड़ी से वार कर वहां से भाग गया। बहन-भाई के बयान के बाद हत्या का राज खुला, लेकिन 24 जुलाई को भाई व 27 जुलाई को बहन की जयपुर हॉस्पिटल में मौत हो गई थी। पुलिस परिचित को गिरफ्तार कर चुकी थी। उसकी निशानदेही पर कुल्हाड़ी भी बरामद की। पोस्टमाॅर्टम की रिपोर्ट में बॉडी में जहर की भी पुष्टि हुई थी। मामला जालोर के फास्ट ट्रैक कोर्ट में चला। 28 सितंबर 2010 को दोषी युवक को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई। इस आरोप के खिलाफ उसकी ओर से उसके वकील ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। इसकी सुनवाई के बाद 4 मई 2011 को मृत्युदंड को आजीवन कारावास में बदला गया। कुल्फी खिलाकर कुल्हाड़ी से पूरे परिवार को काट डाला:पत्नी-बच्चों को लहूलुहान देखकर होश उड़े, देर रात परिचित आया था घर में; पार्ट-1


