एकलव्य विद्यालय भर्ती पर सवाल:100 में 1 नंबर पाने वाले भी प्रिंसिपल के दूसरे दौर के लिए चयनित

एकलव्य आवासीय विद्यालय स्टाफ सिलेक्शन एग्जाम 2025 के टियर-1 परीक्षा परिणाम जारी हो गए हैं। जारी नतीजों के अनुसार प्रिंसिपल जैसे अहम पद के लिए 100 में मात्र 1 अंक हासिल करने वाले अभ्यर्थी भी टियर-2 परीक्षा के लिए क्वालिफाई कर गए हैं। यदि ये उम्मीदवार अंतिम रूप से चयनित हो जाते हैं, तो इन्हें एक लाख रुपए से अधिक मासिक वेतन मिलेगा। इतना ही नहीं, फीमेल स्टाफ नर्स पद के लिए 100 में माइनस 13 अंक पाने वाली अभ्यर्थी को भी टियर-2 परीक्षा के लिए चयनित किया गया है। कई अन्य पदों पर भी निगेटिव स्कोर वाले उम्मीदवारों के अगले चरण में पहुंचने के मामले सामने आए हैं। इसका मुख्य कारण परीक्षा में न्यूनतम क्वालिफाइंग मार्क्स तय न किया जाना बताया जा रहा है। नतीजों ने चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इससे शिक्षा जगत और प्रशासनिक हलकों में नाराजगी है। एकलव्य विद्यालय स्टाफ सिलेक्शन एग्जाम 2025 के माध्यम से कुल 7267 पदों पर भर्ती होनी है। इनमें प्रिंसिपल, पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (पीजीटी), ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर (टीजीटी), फीमेल स्टाफ नर्स, हॉस्टल वार्डन, अकाउंटेंट, जूनियर सेक्रेटेरियट असिस्टेंट और लैब अटेंडेंट जैसे पद शामिल हैं। प्रिंसिपल पद के लिए चयन प्रक्रिया तीन चरणों- टियर-1, टियर-2 और इंटरव्यू में पूरी होगी, जबकि अन्य पदों के लिए केवल दो चरण रखे गए हैं। प्रिंसिपल के कुल 225 पदों के लिए टियर-1 के आधार पर 10 गुना यानी 2250 उम्मीदवारों को टियर-2 के लिए चुना गया है। टियर-1 परीक्षा 100 अंकों की थी, जिसमें 100 मल्टीपल चॉइस प्रश्न पूछे गए थे। इसमें रीजनिंग, जनरल अवेयरनेस, एकेडमिक एवं रेसीडेंशियल एक्सपेक्टेशन, एडमिनिस्ट्रेशन एंड फाइनेंस और लैंग्वेज कम्पीटेंसी से जुड़े सवाल शामिल थे। टियर-2 परीक्षा भी 100 अंकों की होगी, जिसमें 40 ऑब्जेक्टिव और 60 डिस्क्रिप्टिव प्रश्न होंगे। इसके बाद 40 अंकों का इंटरव्यू लिया जाएगा। माइनस नंबर वाले भी सेकंड राउंड में पहुंचे कटऑफ की स्थिति और भी चौंकाने वाली है। प्रिंसिपल पद के लिए एससी वर्ग का कटऑफ 4 और एसटी वर्ग का केवल 1 अंक रहा। फीमेल स्टाफ नर्स (ईडब्ल्यूएस) के लिए कटऑफ माइनस 13.333 रहा, जबकि टीजीटी और अन्य पदों पर भी माइनस अंक तक कटऑफ गया। गलत उत्तर पर एक-तिहाई अंक काटे जाने की व्यवस्था के कारण कई उम्मीदवारों के अंक शून्य से नीचे चले गए। बता दें कि जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार के अंतर्गत राष्ट्रीय जनजातीय छात्र शिक्षा समिति द्वारा किया जाता है। इन विद्यालयों में 6वीं से 12वीं तक की पढ़ाई होती है। देश में करीब 690 एकलव्य आवासीय विद्यालय हैं। जो छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडु, तेलंगना, त्रिपुरा, उतराखंड, प. बंगाल आदि राज्यों में है। अनुमानित मासिक वेतन प्रिंसिपल: लेवल 12 (78000-209200 रुपए)। विभिन्न भत्तों को जोड़ने पर सैलरी प्रतिमाह 1 लाख रुपए से अधिक। {पीजीटी: लेवल 8 (47600-151100 रुपए) {टीजीटी: लेवल 7 (44900- 142400 रुपए) {आर्ट, म्यूजिक, फिजिकल एजुकेशन टीचर: लेवल 6 (35400-112400 रुपए) {फीमेल स्टॉफ नर्स : लेवल 5 (29200-92300 रुपए) {हॉस्टल वार्डन: लेवल 5 (29200-92300 रुपए) भास्कर एक्सपर्ट – बी.के. सरे, पूर्व अपर मुख्य सचिव न्यूनतम योग्यता अंक अनिवार्य हों
शैक्षणिक एवं भर्ती परीक्षाओं में न्यूनतम क्वालिफाईंग अंक तय होना चाहिए। इससे चयन प्रक्रिया में गुणवत्ता और योग्यता सुनिश्चित होती है। जब किसी परीक्षा में न्यूनतम मानक निर्धारित नहीं होते, तो चयन प्रक्रिया केवल संख्या पूरी करने तक सीमित रह जाती है। इससे न केवल चयन की विश्वसनीयता प्रभावित होती है, बल्कि संस्थानों में कार्य निष्पादन की गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है।

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