एकल पट्टा मामले में सरकार ने कहा-धारीवाल फिलहाल आरोपी नहीं:उन्हें याचिका दायर करने का अधिकार नहीं; परिवादी ने कहा- पूर्व मंत्री मामले को अटकाना चाहते हैं

एकल पट्टा प्रकरण में हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान सरकार ने कहा- पूर्व मंत्री शांति धारीवाल का नाम न तो एफआईआर में था। न ही उन्हें चालान में आरोपी बनाया गया। ऐसे में हाईकोर्ट में दायर उनकी याचिका मेंटिनेबल (चलने योग्य) नहीं है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा की बेंच में शुक्रवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू और स्पेशल पीपी अनुराग शर्मा ने अदालत को बताया- इस मामले में जीएस संधू, निष्काम दिवाकर और औंकारमल सैनी आरोपी है। यह मामला राज्य सरकार और अदालत के बीच का है। इसमें आरोपियों और धारीवाल को याचिका पेश करने का अधिकार नहीं है। इसके बाद अदालत ने मामले की सुनवाई 28 फरवरी तक टाल दी। परिवादी ने कहा- धारीवाल मामले को अटकाना चाहते हैं
दरअसल मामले में पूर्व मंत्री शांति धारीवाल ने एसीबी कोर्ट में चल रही प्रोटेस्ट पिटीशन सहित अन्य आपराधिक कार्रवाई को रद्द करने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। धारीवाल की ओर से कहा गया था कि उनका एफआईआर से लेकर चालान में कहीं भी नाम नहीं है। एसीबी की ओर से पेश क्लोजर रिपोर्ट में भी उनके खिलाफ कोई अपराध प्रमाणित नहीं माना गया। इसके बाद भी एसीबी कोर्ट ने मामले में अग्रिम जांच के आदेश दिए, जो कि गलत है। वहीं मामले में परिवादी (इंटरवीनर) अशोक पाठक ने कहा- धारीवाल केस को लंबे समय तक अटकाए रखना चाहते हैं। ताकि इस सरकार का कार्यकाल निकल जाए। 2011 में जारी किया था एकल पट्‌टा
जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने 29 जून 2011 को गणपति कंस्ट्रक्शन के प्रोपराइटर शैलेंद्र गर्ग के नाम एकल पट्टा जारी किया था। इसकी शिकायत रामशरण सिंह ने वर्ष 2013 में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) में की थी। एसीबी में शिकायत के बाद तत्कालीन एसीएस जीएस संधू, डिप्टी सचिव निष्काम दिवाकर, जोन उपायुक्त ओंकारमल सैनी, शैलेंद्र गर्ग और 2 अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी। इनके खिलाफ एसीबी कोर्ट में चालान पेश किया गया था। मामला बढ़ने पर जेडीए ने 25 मई 2013 को एकल पट्टा निरस्त कर दिया था। वसुंधरा सरकार ने दर्ज किया था मामला
एकल पट्टा मामले में तत्कालीन वसुंधरा सरकार के समय 3 दिसंबर 2014 को एसीबी ने मामला दर्ज किया था। आरोपियों के खिलाफ चालान भी पेश किया था। पूर्व मंत्री शांति धारीवाल से भी पूछताछ की गई थी। प्रदेश में सरकार बदलते ही गहलोत सरकार में एसीबी ने मामले में तीन क्लोजर रिपोर्ट कोर्ट में पेश कर दी थी। तीनों क्लोजर रिपोर्ट में सरकार ने मामले में संधू, दिवाकर और सैनी को क्लीन चिट दी थी। अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हाईकोर्ट मामले की सुनवाई कर रहा है। ………… यह खबर भी पढ़ें… एकल पट्टा प्रकरण में एसीबी को अग्रिम जांच की अनुमति:पूर्व मंत्री धारीवाल सहित तत्कालीन अधिकारी भी जांच के दायरे में, गहलोत सरकार ने बंद कर दिया था मामला पूर्व-मंत्री धारीवाल के खिलाफ एकल-पट्टा केस में फिर होगी जांच:हाईकोर्ट ने एसीबी को दी कार्रवाई की छूट; गहलोत सरकार ने दी थी क्लीन चिट कांग्रेस विधायक शांति धारीवाल को झटका:सुप्रीम कोर्ट का हाईकोर्ट के आदेश पर रोक से इनकार; एकल पट्टा मामले में गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक

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