एकेडमी के वार्षिकोत्सव में बिखरे संस्कृति के रंग, पद्मश्री ने बच्चों को दिया सफलता का मंत्र

रायडीह|होली और रमजान इस्टर पर्व को लेकर रविवार को रायडीह थाना परिसर मे थाना प्रभारी संदीप कमार यादव की अध्यक्षता मे शांति समिति बैठक की संपन हुई। इस बैठक मे शांतिपूर्ण वातावरण में त्योहार मनाने का निर्णय लिया गया। होली पर्व के अवसर पर थाना क्षेत्र मे होने वाले होलिका दहन होली जूलूस आदि कार्यक्रम की जानकारी लिया। थाना प्रभारी ने कहा शांतिपूर्ण वातावर मे पर्व मनाना है, जबरदस्ती किसी को रंग नही लगाना है, डीजे साउंड पर अश्लील व अभद्र गाना नहीं बजाना है। सोशल मीडिया मे किसी प्रकार के अफवाह मैसेज को फारवर्ड नहीं करना है, किसी भी तरह की गतिविधि सामने आने पर अविलंब पुलिस को सूचना करें अथवा टोल फ्री 112 पर कॉल करें। तत्पश्चात एक दूसरे को रंग-अबीर लगाकर शुभकामना दी गई। मौके पर जगनारायण सिंह, जोगांद्र सिंह, मांगु उरांव, पुनीत कुमार, लाल हाफिज, जहिरउद्दीन जमाल ताज, कमलेश झा, मंगल लोहरा, चुईया कुजूर, खुशमन नायक, कुर्बान राय, हनिफ राय, जगदीश सिंह, महाबीर सिंह, प्रमोद कुमार, रितेश गुप्ता, बिनोद गुप्ता, मनोहर राय, चोकेंद्र सिंह, अशरफ राय लालो, सितेश कुमार, अख्तर खान आदि मौजूद थे। वहीसूरसांग थाना परिसर मे थाना प्रभारी अनिकेत कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में शांति समिति की बैठक हुई, शांतिपूर्ण वातावरण में पर्व मनाने का निर्णय लिया गया। गुमला|विकास भारती बिशुनपुर संचालित विकास चिल्ड्रेन एकेडमी में वार्षिक उत्सव का आयोजन अत्यंत हर्षोल्लास और भव्यता के साथ संपन्न हुआ। इस समारोह ने न केवल बच्चों की शैक्षणिक उपलब्धियों का जश्न मनाया, बल्कि उन्हें अपनी कलात्मक प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए एक बड़ा मंच भी प्रदान किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पद्मश्री से अलंकृत एवं विकास भारती के सचिव अशोक भगत द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। विद्यालय परिवार द्वारा मुख्य अतिथि को भगवान श्री गणेश की प्रतिमा भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया गया। ​अपने संबोधन में पद्मश्री अशोक भगत ने कहा कि “शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बाबा जी नें कहा की शिक्षा का असली उद्देश्य संस्कारवान बनना है। उन्होंने बच्चों से अपनी संस्कृति और जड़ों से जुड़े रहने का आह्वान किया और मेहनत व अनुशासन को सफलता की कुंजी बताया। ​समारोह का मुख्य आकर्षण बच्चों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम रहे। नन्हे-मुन्ने बच्चों ने स्वागत गान और नृत्य के माध्यम से अतिथियों का अभिनंदन किया। बच्चों ने पारंपरिक लोक नृत्यों के जरिए झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और जल-जंगल-जमीन के महत्व को बखूबी दर्शाया। नाटकों के माध्यम से छात्रों ने शिक्षा के महत्व और सामाजिक कुरीतियों पर कड़ा प्रहार किया, जिसे देख दर्शक भावुक हो गए।सुरीले गीतों और समूह नृत्यों ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। विकास चिल्ड्रेन एकेडमी की प्रधानाचार्या छंदा पात्रा जी ने विद्यालय की प्रगति रिपोर्ट साझा की और बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना की।

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