भास्कर न्यूज | जालंधर जालंधर-अमृतसर हाईवे पर इंदिरा कॉलोनी के सामने सोमवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब दो एक्टिवा पर सवार पांच हथियारबंद लुटेरों ने सरेआम लूट और जानलेवा हमला कर दिया। बदमाशों ने जूते पॉलिश का काम करने वाले युवक को घेरकर उससे 300 रुपए लूट लिए और विरोध करने पर तेजधार हथियारों से हमला कर उसे घायल कर दिया। घटना के दौरान सड़क पर मौजूद लोग सहम गए। जब हमलावर युवक को पीट रहे थे तो मौके पर पीड़ित के इलाके के ही लोग मौजूद थे। उन्होंने उसे बचाने की कोशिश की तो एक युवक ने पिस्तौल निकाल कर तान दी और गोली मारने की धमकी भी दी। इसके बाद भागते हुए हमलवारों ने ईंटें भी बरसाईं। इंदिरा कॉलोनी निवासी राकेश कुमार ने बताया कि पीड़ित युवक सोनू उनके मोहल्ले का रहने वाला है और बूट पॉलिश करके रोजी-रोटी चलाता है। सोमवार शाम काम खत्म करके घर लौट रहा था। इसी दौरान मेडिसिन शॉप के पास सिगरेट लेने के लिए रुका तो दो एक्टिवा पर सवार पांच युवक वहां पहुंचे और उसे घेर लिया। हथियारों के बल पर उससे 300 रुपए छीन लिए गए। लुटेरों ने सोनू से मोबाइल फोन भी मांगा, लेकिन उसके पास मोबाइल नहीं था। इस पर बदमाश और उग्र हो गए और उस पर तेजधार हथियारों से हमला कर दिया। हमले में सोनू गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर गिर पड़ा। उसकी चीखें सुनकर आसपास के दुकानदार और राहगीर मदद के लिए दौड़े। जैसे ही लोग सोनू को बचाने आगे बढ़े, लुटेरों ने अपने बचाव में ईंट-पत्थर बरसाने शुरू कर दिए, जिससे लोग पीछे हट गए। कुछ ही देर में मोहल्ले से सैकड़ों लोग मौके पर पहुंच गए और लुटेरों को घेरने की कोशिश की। भीड़ को हावी होता देख एक आरोपी ने अवैध पिस्तौल निकालकर हवा में लहराई और धमकी दी कि अगर कोई बीच में आया तो गोली मार देंगे। हथियार देखकर लोग सहम गए और इसी का फायदा उठाकर सभी लुटेरे एक्टिवा पर सवार होकर फरार हो गए। हालांकि इससे पहले स्थानीय लोगों ने मारपीट, पथराव और हवा में हथियार लहराने की पूरी घटना मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर ली और बाद में वीडियो पुलिस को सौंप दी। सूचना मिलते ही थाना-1 के प्रभारी इंस्पेक्टर राकेश कुमार मौके पर पहुंचे और लोगों को आश्वासन दिया कि वीडियो फुटेज और तकनीकी जांच के आधार पर जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। इसके बाद लोगों ने धरना समाप्त किया। घायल सोनू को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। देर रात तक पुलिस पीड़ित परिवार के बयान पर मामला दर्ज करने की तैयारी में जुटी हुई थी। “मैंने सोनू को बचाया तो बदमाशों ने मुझ पर पिस्तौल तान दी’ मैं डीजे ऑपरेटिंग का काम करता हूं और सोनू मेरे साथ बतौर हेल्पर काम करता है। शाम को सोनू और मैं काम पर जा रहे थे। रास्ते में मैं मेडिकल स्टोर से कुछ सामान लेने चला गया और सोनू पास ही पान की दुकान पर खड़ा हो गया। इसी दौरान एक्टिवा सवार कुछ बदमाश वहां आए और आते ही दुकान के गल्ले में हाथ डालकर रुपए निकालने लगे। जब सोनू ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो बदमाशों ने उसे गालियां देते हुए थप्पड़ मार दिया। सोनू ने विरोध किया तो वे वहां से चले गए, लेकिन करीब तीन मिनट बाद दोबारा आ गए। इस बार उनकी संख्या सात थी। सभी ने आते ही सोनू के साथ मारपीट शुरू कर दी। मैं वहां पहुंचा और सोनू को बचाने की कोशिश करते हुए दो बदमाशों को दूर फेंक दिया। तभी एक बदमाश ने पिस्तौल निकालकर मुझ पर तान दी। मैं घबरा गया और फिर हिम्मत करके उसे धक्का दिया और उसके हाथ से पिस्तौल नीचे गिरा दी। इसके बाद मदद के लिए शोर मचाया। मेरी आवाज सुनकर तीन और लोग मौके पर आ गए। बदमाश ने फिर से सब पर पिस्तौल तान दी, लेकिन लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए सोनू को बचा लिया। भीड़ बढ़ती गई तो बदमाश वहां से फरार हो गए। -जैसा कि मददगार विक्की ने भास्कर को बताया


