हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले को प्लास्टिक मुक्त और स्वच्छ बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने ‘एक किन्नौर, स्वच्छ किन्नौर’ अभियान शुरू किया है। इस पहल के तहत सभी सरकारी विभागों के अधिकारी और कर्मचारी हर महीने के अंतिम शनिवार को सामूहिक सफाई अभियान चलाते हैं। एसडीएम कल्पा अमित कल्थाइक ने बताया कि अभियान का उद्देश्य केवल कार्यालय परिसरों की सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि कचरे के वैज्ञानिक निपटान को सुनिश्चित करना भी है। सफाई के दौरान एकत्र कूड़े को कर्मचारी स्वयं अलग-अलग श्रेणियों में छांटकर बोरियों में भरते हैं, जिससे निष्पादन संयंत्र में उसकी प्रोसेसिंग आसान हो जाती है।
प्रशासन के अनुसार, पिछले महीने 910 किलोग्राम सूखा कचरा एकत्र किया गया था, जबकि हालिया अभियान में 605 किलोग्राम ड्राई वेस्ट जुटाकर प्लांट भेजा गया। इस तरह दो महीनों में कुल 1515 किलोग्राम (करीब 15 क्विंटल) सूखे कचरे का निपटान किया जा चुका है। अधिकारियों का कहना है कि इस पहल से सरकारी दफ्तरों के आसपास स्वच्छता में सुधार हुआ है और आम जनता में भी पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ी है। उनका मानना है कि स्रोत स्तर पर कचरे का पृथक्करण करने से उसके वैज्ञानिक निपटान में समय और संसाधनों की बचत होती है।


