एक देश एक चुनाव के एजेंडे को केंद्र सरकार के बाद अब बीजेपी भी आगे बढ़ाएगी। पार्टी ने इसे लेकर राष्ट्रीय स्तर से प्रदेश स्तर तक समितियों का गठन कर दिया है। प्रदेश में चलाए जाने वाले जन जागरूकता अभियान का बीजेपी नेता सुनील भार्गव को संयोजक बनाया है। इस अभियान के जरिए पार्टी जनमत संग्रह करने का काम करेगी। इसे सामाजिक, व्यापारिक और समाज के अलग-अलग वर्गों में चलाया जाएगा। प्रदेश संयोजक सुनील भार्गव ने कहा कि एक देश एक चुनाव, देश के लिए नई व्यवस्था नहीं है। संविधान को अंगीकार किए जाने के बाद 1951 से 1967 तक लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ आयोजित किए गए थे। पारित प्रस्ताव राष्ट्रपति को भेजे जाएंगे
प्रदेश संयोजक सुनील भार्गव ने कहा कि अभियान के तहत एक देश एक चुनाव के पक्ष में प्रस्ताव पारित कराए जाएंगे। इन पारित प्रस्तावों को राष्ट्रपति को भेजा जाएगा। जिससे देश में मजबूती से यह व्यवस्था लागू हो सके। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सरकार वन स्टेट वन इलेक्शन के एजेंडे को लेकर आगे बढ़ रही है। आने वाले समय में अभियान में इसे भी शामिल किया जा सकता है। लेकिन फिलहाल अभियान एक देश चुनाव को लेकर आगे बढ़ेगा। वित्तीय बोझ में आएगी कमी
उन्होंने कहा कि एक साथ चुनाव कराने से कई चुनाव चक्रों से जुड़े खर्च में काफी कमी आ सकती है। यह मॉडल प्रत्येक व्यक्तिगत चुनाव के लिए मानव शक्ति, उपकरणों और सुरक्षा संबंधी संसाधनों की तैनाती से संबंधित खर्च को घटाएगा। इससे होने वाला आर्थिक लाभ से देश के आर्थिक विकास और निवेशकों के विश्वास को मजबूत करेगा।


