आलमगीर गांव में 2022 में स्थापित एक नूर सेवा केंद्र ने जरूरतमंदों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यह चार मंजिला अस्पताल 650 गज के क्षेत्रफल में बनाया गया था, और अब तक लाखों लोग यहां इलाज करवाकर लाभ उठा चुके हैं। सेवा केंद्र की जमीन एक कारोबारी ने दान में दी थी, ताकि अधिक से अधिक गरीब और असहाय लोग इसका लाभ उठा सकें और उनकी जीवन गुणवत्ता में सुधार हो सके। 2023 में इस केंद्र को और विस्तार देने का निर्णय लिया गया, जिसके तहत 480 गज और भूमि का अधिग्रहण किया गया है। आगामी वर्षों में यहां एक बड़ा मेडिकल सेंटर और मदर एंड चाइल्ड सेंटर तैयार किया जाएगा, जिससे बच्चों और माताओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। इसके साथ ही दिव्यांग बच्चों के लिए एक विशेष आईसीयू रूम भी तैयार किया जा रहा है। एक नूर नेकी के हॉस्पिटल में हर महीने करीब एक लाख रुपये का खर्च आता है, क्योंकि यहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं दी जाती हैं। रोजाना 100 मरीज इलाज के लिए आते हैं, जिनमें से 25 का इलाज पूरी तरह से मुफ्त किया जाता है। इसके अलावा, हर महीने 300 जरूरतमंद परिवारों को राशन वितरित किया जाता है, ताकि उनकी बुनियादी जरूरतें पूरी हो सकें। 11 सदस्यीय टीम घर-घर जाकर लोगों की जांच करती है और उन्हें मुफ्त इलाज के साथ राशन भी देती है। इस सेवा केंद्र की स्थापना के पीछे गुरु की बाणी से प्रेरणा मिली थी। 2014 में एक नूर टीम ने आसा की वार के दौरान गुरबाणी का पाठ करते हुए ‘अव्वल अल्लाह नूर उपाया कुदरत के सब बंदे’ शब्दों का अर्थ समझा था। इस विचार से प्रेरित होकर, इस टीम ने समाज सेवा की दिशा में कदम बढ़ाए और एक नूर सेवा केंद्र की नींव रखी। सेवा केंद्र की ओर से आगामी दिनों में अन्य समाज सेवा के काम किए जाएंगे। महिलाओं के सिलाई केंद्र से की शुरुआत, फिर चिकित्सा सेवा शुरू की, रोजाना 100 मरीज आते हैं शुरुआत में, इस टीम ने महिलाओं के लिए एक सिलाई केंद्र खोला, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें और रोजगार पा सकें। इसके बाद हर महीने जरूरतमंदों को राशन देना भी शुरू किया गया। आने वाले समय में एक नूर सेवा केंद्र ने शहर में एक नो प्रॉफिट दवाइयों के केंद्र खोलने का निर्णय लिया है, ताकि गरीबों को होलसेल दामों पर दवाइयां मिल सकें। इस केंद्र में 2 एम्बुलेंस गाड़ियां और 20 बेड का जनरल रूम भी है। इस सेवा केंद्र को चलाने वाले सभी शहर के कारोबारी हैं, जो अपनी कमाई का 10वां हिस्सा निकालकर समाज सेवा में योगदान दे रहे हैं। इस प्रकार एक नूर सेवा केंद्र न केवल एक अस्पताल के रूप में कार्य कर रहा है, बल्कि यह समाज की सेवा में एक अनोखा मॉडल प्रस्तुत कर रहा है। यह केंद्र गुरु के मार्गदर्शन से प्रेरित होकर सेवा के एक नए युग की शुरुआत कर रहा है।


