किशनगढ़बास के एग्रीकल्चर कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के सात दिवसीय विशेष शिविर का शुभारंभ किया गया। यह शिविर 31 जनवरी 2026 से 06 फरवरी 2026 तक चलेगा। इसका विषय “डिजिटल और कौशल विकास के लिए युवा” रखा गया है। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसमें कॉलेज के अधिष्ठाता, संकाय सदस्य, कर्मचारी और बड़ी संख्या में स्वयंसेवक स्टूडेंट्स उपस्थित थे। कॉलेज के अधिष्ठाता प्रो. एम.पी. यादव ने स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए कहा कि एनएसएस शिविर स्टूडेंट्स में अनुशासन, सेवा भावना और नेतृत्व क्षमता का विकास करते हैं। उन्होंने बताया कि ये शिविर स्टूडेंट्स को समाज से जुड़ने और व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने में सहायक होते हैं। प्रो. यादव ने वर्तमान डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति भी स्टूडेंट्स को आगाह किया। उन्होंने फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक, ई-मेल, ओटीपी और पासवर्ड साझा न करने, मजबूत पासवर्ड का उपयोग करने और संदिग्ध वेबसाइटों से दूर रहने की सलाह दी। अतिरिक्त निदेशक छात्र कल्याण, डॉ. अरविंद कुमार यादव ने ऑनलाइन बैंकिंग, यूपीआई लेन-देन और सोशल मीडिया अकाउंट की सुरक्षा के बारे में जानकारी दी। उन्होंने साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया भी समझाई। डॉ. यादव ने स्टूडेंट्स को किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत संबंधित पोर्टल या हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के कार्यक्रम अधिकारी, डॉ. राज कुमार फगोडिया ने शिविर की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उद्घाटन कार्यक्रम में भाषण प्रतियोगिता में पूजा निठारवाल और दिनेश आवाना ने, एकल गीत में शिवानी और अंजली कुमावत ने लघु नाटिका में अंकित और उनकी टीम ने प्रस्तुतियां दीं। डॉ. फगोडिया ने बताया कि सात दिवसीय शिविर के दौरान स्वच्छता अभियान, जागरूकता कार्यक्रम, व्यक्तित्व विकास और सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। शिविर का मुख्य उद्देश्य स्टूडेंट्स को सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक करना और राष्ट्र निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। कार्यक्रम का मंच संचालन सहायक आचार्य डॉ. डिम्पल ने किया। इस मौके पर डॉ. राजेंद्र सिंह बाजिया, फार्म मैनेजर भूपेश कुमार, अनिता, संगीता जाट, प्रयोगशाला सहायक सचिन, मैट्रन लक्ष्मी देवंदा सहित अन्य कर्मचारी और स्वयंसेवक उपस्थित थे।


