अक्टूबर 2024 में बनना शुरू हुआ था सीमेंट-कांक्रीट का रोड शहर की सबसे पुरानी मेन रोड हमीदिया रोड को सीमेंट कांक्रीट की बनाने का काम भोपाल टॉकीज और सेंट्रल लायब्रेरी पर नाले के कारण बंद हो गया है। रॉयल मार्केट पर पोल शिफ्टिंग में देरी के कारण दो महीने से यहां भी काम बंद है। अल्पना टॉकीज पर मेट्रो प्रोजेक्ट शुरू होने से सड़क का काम रोकना पड़ा है। भोपाल स्टेशन और नादरा बस स्टैंड सहित पुराने शहर के अन्य बाजारों में आने-जाने वाले 5 लाख लोग रोज परेशान हो रहे हैं। 2 साल पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान हमीदिया रोड से गुजरे तो गड्ढे देखकर नाराजगी जताई थी। इसके बाद पीडब्ल्यूडी ने इसे सीमेंट कांक्रीट से बनाने का निर्णय लिया था। लगभग 75 करोड़ रुपए से पिछले साल अक्टूबर में सड़क का निर्माण शुरू हुआ। इसे सितंबर 2025 तक पूरा किया जाना है। एजेंसियों में तालमेंल की कमी से पांच जगहों पर काम रुक गया है। ऐसे ही चला तो 7 किमी लंबी सड़क सितंबर तक बननी मुश्किल है। ये हैं 5 अड़चनें… ट्रैफिक और मेट्रो के कारण भी हो रही परेशानियां 1. रॉयल मार्केट पर पोल शिफ्टिंग में देरी
रॉयल मार्केट से एलबीएस अस्पताल तक 650 मीटर का हिस्सा सीसी रोड में बनना है। यहां बिजली कंपनी ने पोल शिफ्टिंग का एस्टीमेट देने में दो महीने की देरी कर दी, जिससे काम रुक गया है। 2. भोपाल टॉकीज पर नाला कौन बनाएगा
भोपाल टॉकीज चौराहे पर एक नाला है। पीडब्ल्यूडी ने नगर निगम को नाला जर्जर होने की जानकारी दे दी है। अब यह तय होना है कि नाला कौन बनाएगा? इसके बाद ही यहां 50 मीटर सड़क बन पाएगी। 3. सेंट्रल लाइब्रेरी के पास भी काम धीमा
सेंट्रल लाइब्रेरी के पास एक पुराना जर्जर नाला है। जिसके कारण यहां की सड़क धंसने लगी थी। जिसके लिए अब यहां पहले एक लेन पर पुलिया का निर्माण किया जा रहा है। इससे भी काम रुका है। 4. अल्पना तिराहे पर मेट्रो के कारण काम रूका
अल्पना तिराहे पर मेट्रो के अंडरग्राउंड स्टेशन के काम के कारण काम रोकना पड़ा है। इसके अलावा यहां से गुजर रहे नाले की चौड़ाई को लेकर पीडब्ल्यूडी, रेलवे और नगर निगम के बीच समन्वय होना है। 5. नादरा बस स्टैंड पर ट्रैफिक की परेशानी नादरा बस स्टैंड पर ट्रैफिक अधिक होने से दिन में काम करना संभव नहीं हो रहा है। यहां रात 1 बजे से सुबह 6 बजे तक ही काम चल रहा है। यहां करीब 50 मीटर का हिस्सा अधूरा है। कोऑर्डिनेशन नहीं होना बड़ी समस्या दरअसल, ऐसा कोई मैकेनिज्म ही नहीं है जिसमें नगर निगम, बिजली कंपनी, पीडब्ल्यूडी, फॉरेस्ट और दूसरी एजेंसियां किसी प्रोजेक्ट के लिए एक फोरम पर आ सकें। जीजी फ्लाईओवर में ट्रैफिक, पीडब्ल्यूडी, नगर निगम और मेट्रो के बीच को ऑर्डिनेशन नहीं होने से आई अड़चनों के कारण टारगेट से दो साल से अधिक पिछड़ गया। समन्वय से सितंबर तक काम पूरा कर लेंगे
हमीदिया रोड का प्रोजेक्ट शहर के लिए महत्वपूर्ण है। नगर निगम, बिजली कंपनी और मेट्रो सहित सभी एजेंसियों से समन्वय कर हम सितंबर तक काम पूरा कर लेंगे।
-संजय मस्के, चीफ इंजीनियर, पीडब्ल्यूडी


