कॉलेजों में पीजी एडमिशन के लिए पहली बार होने जा रही पात्रता परीक्षा का पैटर्न और सिस्टम तय हो गया है। परीक्षा दो घंटे चलेगी। इसमें 100 अंकों के 50 ऑब्जेक्टिव प्रश्न पूछे जाएंगे, यानी हर प्रश्न 2 अंकों का होगा। पात्रता परीक्षा ओएमआर शीट पर होगी। डीएवीवी में पहली बार पात्रता परीक्षा होने जा रही है। इसके लिए यूजी तीसरे वर्ष के छात्र ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। एग्जाम कंट्रोलर प्रो. अशेष तिवारी के अनुसार, एमए, एमकॉम और एमएससी के कुल 33 स्पेशलाइजेशन कोर्स में एडमिशन के लिए यह एग्जाम होगी। 20 फरवरी के बाद ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। संकाय या मेजर विषय बदलकर पीजी करना है तो देनी होगी परीक्षा सत्र 2026-27 के लिए जो भी यूजी छात्र (थर्ड ईयर के) संकाय बदलकर किसी दूसरे संकाय में पीजी करना चाहते हैं, तो उन्हें यह यूनिवर्सिटी एलिजिबिलिटी टेस्ट देना होगा। जैसे, बीकॉम व बीएससी के छात्र को किसी भी स्पेशलाइजेशन में एमए करना है तो उन्हें यह पात्रता परीक्षा देनी होगी। बीए के भी उन छात्रों को पात्रता परीक्षा देनी होगी, जो मेजर या माइनर सब्जेक्ट से हटकर किसी अन्य विषय में पीजी करना चाहते हैं। वहीं, दूसरी तरफ जो छात्र संबंधित विषय में सीयूईटी पीजी में क्वालिफाई होंगे, उन्हें भी कॉलेजों में पीजी में प्रवेश मिल जाएगा। पूर्व प्राचार्य डॉ. एसएल गर्ग कहते हैं, “नया सिस्टम छात्रों को समझना होगा। इसमें ग्रेजुएशन से जुड़े ही प्रश्न पूछे जाएंगे। थर्ड ईयर की एग्जाम होते ही, उन्हें पीजी प्रवेश परीक्षा की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।” परीक्षा से 5 दिन पहले प्रवेश पत्र जारी होंगे। एग्जाम मार्च अंत या अप्रैल में होगी। 30 अप्रैल तक परिणाम जारी होंगे। उसके बाद जो मेरिट बनेगी, उसके आधार पर कॉलेज व कोर्स अलॉट होगा। 1 मई से कॉलेज में एडमिशन शुरू हो जाएंगे। जो छात्र संकाय या फिर मेजर-माइनर सब्जेक्ट बदलकर पीजी करना चाहेंगे, उन्हें अनिवार्य पात्रता परीक्षा देनी होगी।


