एडीजी रूपेंद्र सिंह ने टोंक जेल का किया निरीक्षण:पांच टीमों ने बंदियों-बैरकों, जेल स्टाफ-पुलिस की ली तलाशी; आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली

जेल ADG रूपेंद्र सिंह सोमवार को टोंक पहुंचे। यहां उन्होंने सरप्राइज विजिट कर जेल का निरीक्षण किया। पांच टीमों ने उनके निर्देशन में जेल स्टाफ, पुलिस, बंदियों और जेल प्रशासन की तलाशी ली। इस दौरान कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली। टीमों ने सभी बैरकों, बंदियों के सामान आदि की चेकिंग की। इसके बाद मीडिया से बातचीत में एडीजी सिंह ने कहा कि जेल में भी बंदियों को आम लोगों की तरह जेल के नियमों के अनुसार रखते है। जेल के नॉर्म्स के हिसाब से रहने वाले को कोई दिक्कत नहीं आती। जो बंदी जेल नियमों का उल्लंघन करता है तो उसे जेल नियमों के अनुसार पनीशमेंट मिलता है। ‘किसी भी वक्त ली जा सकती है तलाशी’
जेल एडीजी ने कहा कि हम बंदियों और स्टाफ में यह संदेश देना चाहते हैं कि किसी भी वक्त तलाशी ली जा सकती है, यह नहीं है कि तलाशी सुबह या शाम को ली जाए। किसी भी वक्त तलाशी ली जा सकती है। रूटीन में भी जेल प्रशासन अपने स्तर पर जांच कर सकता है। कानून बड़ा क्लियर है अगर कोई बंदी जेल में अपराधी गतिविधि करता है तो फिर उसके लिए एफआईआर है और पुलिस इन्वेस्टिगेशन है। उन्होंने कहा कि हम यह बात रिपीट कर रहे हैं सभी स्टाफ से और सभी बंदियों से, कि जेल के अंदर बंदी रह रहे होते हैं, शहर के नागरिकों की तरह उनको रखते हैं, लेकिन जो कानून का पालन नहीं करते हैं तो पहले तो उनको जेल दंड मिलता है या कोई अपराधिक कृत्य करता है तो मुकदमा होता है विभिन्न प्रकार की उसमें सजाए हैं।
यह हम उनको याद दिला रहे हैं इस मामले में अगर कोई स्टाफ की मिलीभगत होती है तो भी उनको इन्हीं नियमों के तहत डील किया जाता है। इस दौरान जेल अधीक्षक वैभव भारद्वाज, SP विकास सांगवान आदि मौजूद रहे।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *