रांची यूनिवर्सिटी समेत राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों से राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 के सिलेबस से अनुसार 4 वर्षीय स्नातक (यूजी) की पढ़ाई हो रही है। फर्स्ट बैच (सेशन 2022-26) के स्टूडेंट्स का रिजल्ट वर्ष 1926 में आएगा। चार वर्षीय यूजी पास स्टूडेंट्स एक साल में स्नातकोत्तर (पीजी) की पढ़ाई कर सकेंगे। रांची यूनिवर्सिटी में एनईपी-2020 के अनुसार पीजी का सिलेबस बनाने के लिए प्रोसेस शुरू कर दिया गया है। वीसी डॉ. अजीत कुमार सिन्हा विभिन्न संकायों के डीन और विषय विशेषज्ञों से सिलेबस निर्माण को लेकर विमर्श कर चुके हैं। शीघ्र ही इसके लिए कमेटी गठित की जाएगी। रांची यूनिवर्सिटी में एनईपी के अनुसार पीजी के सिलेबस का ड्राफ्ट जून 2025 तक तैयार कर लिया जाएगा। एनईपी के जानकार सह डोरंडा कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. राजकुमार शर्मा बताते हैं कि एक वर्षीय पीजी में दो सेमेस्टर की पढ़ाई होगी। दोनों सेमेस्टर में चार-चार पेपर की पढ़ाई होगी। यानि एक वर्षीय पीजी में कुल आठ पेपर की पढ़ाई छात्रों को करनी होगी। एक सेमेस्टर की पढ़ाई न्यूनतम 20 क्रेडिट का होगा। यानि एक वर्ष में 40 क्रेडिट की पढ़ाई पूरी करनी होगी। राज्य के बाहर बाहर से आएंगे एक्सपर्ट पीजी के सिलेबस तैयारी के प्रत्येक विषय में राज्य के बाहर के भी एक्सपर्ट शामिल होंगे। ऐसे विषय विशेषज्ञों का पैनल है, जो राजभवन से स्वीकृत है। इसी पैनल से सिलेबस निर्माण के लिए विषय विशेषज्ञों को आमंत्रित किया जाएगा। अगले में सिलेबस निर्माण के कार्य में गति आएगी। 1 वर्षीय पीजी के साथ 2वर्षीय पीजी की पढ़ाई जारी रहेगी। दो वर्षीय पीजी में 3 साल में स्नातक पास करने वाले एडमिशन लेंगे। 2 वर्षीय पीजी में कुल 16 पेपर की पढ़ाई होगी। वहीं 4 साल में स्नातक करने वाले 1 वर्ष में पीजी कर सकेंगे। एनईपी के अनुसार पीजी का सिलेबस तैयार करने के लिए डीन समेत विषय विशेषज्ञों की चर्चा हो चुकी है। इसके लिए हाईलेवल कमेटी का गठन शीघ्र किया जाएगा। जून तक पीजी का सिलेबस तैयार कर लिया जाएगा। – डॉ. अजीत कुमार सिन्हा , वीसी आरयू


