नेशनल मेडिकल कमीशन नई दिल्ली की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार एमबीबीएस-सीटों की संख्या में पिछले साल के मुकाबले लगभग 15000-की वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष-2025 में संपूर्ण देश के 775-मेडिकल संस्थानों में 1-लाख 15-हजार-900 एमबीबीएस-सीटें थीं। 2026 में देश भर में 824-मेडिकल संस्थानों और 1-लाख 29-हजार-603 सीटें होंगी। निश्चित तौर पर एमबीबीएस सीटों की संख्या के ये आंकड़े नीट-यूजी, 2026 में सम्मिलित होने वाले लगभग 24-लाख विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उत्साहवर्धक हैं। एजुकेशन एक्सपर्ट देव शर्मा के अनुसार सरकारी क्षेत्र में मेडिकल संस्थानों की संख्या 450 तथा एमबीबीएस सीटों की संख्या- 63160 होगी। निजी क्षेत्र में मेडिकल संस्थानों की संख्या 374 और एमबीबीएस-सीटों की संख्या-66443 होगी। इस प्रकार कुल मेडिकल संस्थानों 824 और कुल एमबीबीएस-सीटें 129603 होगी।ऑनलाइन-आवेदन फरवरी-26 के प्रथम सप्ताह से प्रारंभ होंगे। मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी, 2026 में लगभग 24-लाख विद्यार्थियों के सम्मिलित होने की संभावना है। स्टेटमेंट-बेस्ड/कालम मैचिंग मल्टी कांसेप्चुअल क्वेश्चंस के लिए तैयार रहें विद्यार्थी एनटीए-नई दिल्ली द्वारा जेईई-मेन,2026 जनवरी-सेशन का आयोजन किया गया था तथा इस 5-दिवसीय 10-शिफ्टों के सेशन की सभी शिफ्टों के प्रश्नपत्र गुणवत्तापूर्ण स्तरीय एवं संतुलित थे। प्रश्नपत्रों में स्टेटमेंट-बेस्ड/कालम-मैचिंग मल्टी कांसेप्चुअल क्वेश्चंस पूछे गए थे तथा फॉर्मूला तथा फेक्ट आधारित प्रश्न नहीं पूछे गए थे, क्योंकि मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी का आयोजन भी एनटीए-नई दिल्ली द्वारा ही किया जाएगा ऐसे में फिर से स्टेटमेंट-बेस्ड/कालम मैचिंग मल्टी-कांसेप्चुअल प्रश्न पूछे जाने की संभावना है, ऐसे में नीट-यूजी,2026 में सम्मिलित होने वाले विद्यार्थियों को इस प्रकार के प्रश्नों के लिए तैयार रहने की आवश्यकता है।


