एनओसी नहीं मिलने से दौसा को थानागाजी से जोड़ने वाली सड़क का काम 2 साल से अटका

भास्कर न्यूज | अलवर स्टेट हाइवे-77 (दौसा रोड) को स्टेट हाइवे-55 (थानागाजी रोड) से जोड़ने के लिए स्वीकृत 11 किमी लंबी सड़क का निर्माण कार्य दो साल से अधूरा है। करीब 7.60 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली सड़क का करीब 4 किमी का वन क्षेत्र है। वन भूमि पर निर्माण के लिए एनओसी नहीं मिल पाने के कारण पीडब्लूडी चाहकर भी काम आगे नहीं बढ़ा पा रहा है। पीडब्लूडी ने सड़क के उन हिस्सों का निर्माण तो पूरा कर लिया है जो वन क्षेत्र की परिधि से बाहर हैं, लेकिन बीच का हिस्सा अभी भी अधूरा है। इस सड़क के पूरी तरह तैयार होने से क्षेत्र के करीब 20 गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और हजारों लोगों का आवागमन सुगम होगा। पीडब्लूडी ने दोनों छोरों (डूमोली व डूमेडा) से काम शुरू भी कर दिया था, लेकिन वन विभाग की एनओसी नहीं मिलने से काम बीच में रोक दिया गया। ग्रामीण पिछले साल प्रभारी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा से मिलकर जल्द एनओसी जारी करवाने की मांग कर चुके हैं। ग्रामीणों की पीड़ा सुनने के बाद मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा को पत्र लिखकर हस्तक्षेप का आग्रह किया था। अलवर. यह वो रास्ता जहां बननी है सड़क। ^विभाग की आपत्तियों पर पीडब्लूडी को विस्तृत जवाब देना है। सभी बिंदुओं पर संतोषजनक जवाब मिलने के बाद ही एनओसी का प्रस्ताव अंतिम स्वीकृति हेतु उच्च स्तर की एजेंसी को भेजा जाएगा। – राजेंद्र कुमार हुड्डा, डीएफओ अलवर वन मंडल वन विभाग से एनओसी के लिए पीडब्लूडी ने वर्ष 2024 में आवेदन किया था, लेकिन प्रशासनिक शिथिलता के कारण निर्णय नहीं हो पा रहा है। पिछले साल अक्टूबर में वन विभाग ने एनओसी प्रस्ताव पर अध्ययन करने के बाद दस तकनीकी आपत्तियां जताई थीं। पीडब्लूडी ने इन आपत्तियों का जवाब देने में काफी समय लगाया और फरवरी 2026 में अपना पक्ष रखा। हालांकि, डीएफओ अलवर ने पीडब्लूडी के जवाब को अधूरा करार दिया है। डीएफओ के अनुसार पीडब्लूडी ने सभी दस आपत्तियों का बिंदुवार जवाब देने के बजाय केवल एक ही बिंदु पर स्पष्टीकरण दिया है। जब तक सभी आपत्तियों पर संतोषजनक जवाब नहीं मिलता, तब तक प्रस्ताव को उच्च स्तर की अनुमति के लिए नहीं भेजा जा सकता। सड़क निर्माण में आड़े आ रही 1.7955 हेक्टेयर वन भूमि के बदले के लिए थानागाजी तहसील के कालेड़ गांव में खसरा नंबर 955 की जमीन आरक्षित कर दी गई है। कलेक्टर ने इस भूमि के डायवर्जन प्रस्ताव पर मुहर भी लगा दी है। पीडब्लूडी को वन क्षेत्र में सड़क के दोनों ओर 2 किमी लंबी और 6 फीट उंची सुरक्षा दीवार का निर्माण करना होगा। वन्यजीवों के सुरक्षित आवागमन के लिए हर 500 मीटर पर अंडरपास बनाए जाएंगे।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *