भास्कर न्यूज | जशपुरनगर नशीले पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई को अधिक प्रभावी, विधिसम्मत और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से 8 फरवरी को पुलिस अधीक्षक कार्यालय के मीटिंग हॉल में एनडीपीएस एक्ट से संबंधित प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में जिले के सभी पुलिस अधिकारियों और विवेचकों को एनडीपीएस प्रकरणों की विवेचना से जुड़ी बारीकियों का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला में अतिरिक्त जिला न्यायाधीश जशपुर शैलेन्द्र पटवर्धन, डिप्टी डायरेक्टर (अभियोजन) सुरेश कुमार साहू, सहायक निदेशक अभियोजन विपिन्न कुमार और सहायक जिला अभियोजन अधिकारी विवेक शर्मा ने एनडीपीएस एक्ट के तहत जांच और विवेचना के दौरान अपनाई जाने वाली विधिक प्रक्रियाओं, साक्ष्य संकलन, जप्ती, सैंपलिंग तथा दस्तावेजी साक्ष्यों के महत्व पर जानकारी दी। उन्होंने न्यायिक दृष्टिकोण से विवेचना को मजबूत बनाने पर जोर दिया, जिससे दोषियों को अदालत में सजा दिलाई जा सके। कार्यशाला के दौरान डीआईजी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने अधिकारियों और विवेचकों को एनडीपीएस मामलों में कार्रवाई की सूक्ष्म प्रक्रियाओं, विवेचना की गुणवत्ता बढ़ाने के उपायों तथा अभियोजन विभाग से समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशे के सौदागरों के खिलाफ मजबूत और ठोस प्रकरण तैयार कर न्यायालय में प्रभावी ढंग से पक्ष रखा जाना आवश्यक है। अतिरिक्त जिला न्यायाधीश शैलेन्द्र पटवर्धन ने एनडीपीएस प्रकरणों में तकनीकी और सूक्ष्म साक्ष्यों, विधिवत लेखबद्धता तथा संपूर्ण विवेचना विवरण के स्पष्ट अंकन के महत्व पर मार्गदर्शन दिया। अभियोजन अधिकारियों ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 50 और 57 के प्रावधानों के पालन, जप्त मादक पदार्थों के फॉरेंसिक परीक्षण, सुरक्षित अभिरक्षा, चेन ऑफ कस्टडी तथा एक से अधिक आरोपियों के मामलों में की जाने वाली विधिक कार्यवाहियों के बारे में प्रशिक्षण दिया। इस कार्यशाला में एडिशनल एसपी राकेश कुमार पाटनवार, एसडीओपी कुनकुरी विनोद कुमार मंडावी, एसडीओपी जशपुर चंद्रशेखर परमा, एसडीओपी बगीचा दिलीप कुमार कोसले, डीएसपी अजाक और क्राइम भावेश कुमार समरथ, जिले के सभी थाना और चौकी प्रभारी, एसपी रीडर मुकेश कुमार झा तथा वर्चुअल माध्यम से सभी विवेचक उपस्थित रहे।


