भिंड जिले में एक बार फिर सामाजिक तनाव की स्थिति बनती नजर आ रही है। अलग-अलग समाजों के बीच लगातार टकराव और आरोप-प्रत्यारोप के चलते माहौल संवेदनशील बना हुआ है। ताजा मामला मेहगांव थाना क्षेत्र का है, जहां एक विवाद के बाद दोनों पक्षों की शिकायतों पर पुलिस ने क्रॉस एफआईआर दर्ज की है। जानकारी के अनुसार, बीते दिनों कौंहार गांव में कुछ लोगों के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद मेहगांव थाने में सवर्ण समाज से जुड़े चार लोगों के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं जनजाति (SC/ST) अधिनियम सहित मारपीट की धाराओं में मामला दर्ज कराया गया। इस एफआईआर के विरोध में बुधवार को श्री करणी सेना, परशुराम सेना, सवर्ण आर्मी सहित अन्य सवर्ण समाज संगठनों के कार्यकर्ता एकजुट होकर मेहगांव थाने पहुंचे। यहां करीब चार घंटे तक धरना-प्रदर्शन कर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की गई। एफआईआर के विरोध में थाने पर प्रदर्शन बताया गया कि आगामी 20 तारीख को भीम आर्मी द्वारा प्रस्तावित आंदोलन की तैयारियों के दौरान 17 फरवरी की दोपहर एक विवाद सामने आया था। इस दौरान भीम आर्मी से जुड़े कुछ सदस्यों और सुमित भदौरिया, अमित दांतरे व कान्हा भदौरिया के बीच कहासुनी और विवाद हो गया। विवाद के बाद भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने थाने पहुंचकर तीनों के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं जनजाति (SC/ST) अधिनियम सहित मारपीट की धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई। इसी कार्रवाई के विरोध में बुधवार दोपहर करीब 500 से अधिक कार्यकर्ता मेहगांव थाने पहुंचे और पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की। प्रदर्शन के बाद पुलिस ने सुमित भदौरिया की शिकायत पर विपिन जाटव, आनंद जाटव, संदीप जाटव और बलवीर जाटव के खिलाफ भी मामला दर्ज किया। शिकायत के अनुसार, 17 फरवरी की दोपहर आरोपियों ने जबरन पर्चा देने का दबाव बनाया। मना करने पर मारपीट की गई, जातिगत गालियां दी गईं और जान से मारने की धमकी भी दी गई। धरना-प्रदर्शन में परशुराम सेना अध्यक्ष देवेश शर्मा, राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना अध्यक्ष संतोष भदौरिया, राष्ट्रीय हिंदू शक्ति संगठन अध्यक्ष शुभम पचौरी, सत्य सेवा संघ अध्यक्ष आदेश मिश्रा और बांके बिहारी शर्मा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।


