भास्कर न्यूज | अमृतसर देश के लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों (एमएसएमई) का प्रतिनिधित्व करने वाली औद्योगिक संस्था लघु उद्योग भारती की एक बहुप्रतीक्षित मांग को मानते हुए आरबीआई ने एमएसएमई ऋणों पर 20 लाख तक अनिवार्य कोलेटरल-फ्री लोन (और अच्छे ट्रैक रिकॉर्ड पर 25 लाख तक) का निर्णय लिया है। संस्था ने आरबीआई के फैसले का स्वागत किया है। यह मंजूरी सोमवार को दी गई है। लघु उद्योग भारती के जिला इकाई के प्रधान अमित कपूर ने बताया कि पहले छोटे कारोबार के लिए भी बैंक में जमीन, इमारत समेत अन्य प्रापर्टी के कागजात जमा करवाने पड़ते थे। ऐसी स्थिति में छोटा कारोबार करने की इच्छा रखने वाले यह नहीं कर पाते थे, नतीजतन लोन नहीं मिल पाता था। खास करके पढ़े-लिखे बेरोजगार युवा, घरेलू महिलाएं व आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग चाह कर भी इस तरफ नहीं आ पाता था। इसको लेकर संस्था लंबे समय से राष्ट्रीय स्तर पर मांग करती आ रही थी, जो अब पूरी कर ली गई है। संस्था के संरक्षक डा. जेपी सिंह ने कहा कि अब एमएसएमई सेक्टर को 20 लाख तक का लोन बिना गारंटी के मिल सकेगा। यही नहीं बल्कि अच्छे ट्रैक रिकॉर्ड पर यह सीमा 25 लाख रुपए होगी।


