कोल्हान के स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल को बड़ी सौगात मिलने जा रही है। अगले शैक्षणिक सत्र से एमजीएम मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की सीटें 150 से बढ़ाकर 250 और पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) की सीटें 51 से बढ़ाकर 150 की जाएंगी। इसके साथ ही अस्पताल में हार्ट, कैंसर, न्यूरोलॉजी और किडनी रोगों के लिए अत्याधुनिक इनडोर सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं भी शुरू होंगी। सीटों में बढ़ोतरी को ध्यान में रखते हुए कॉलेज और अस्पताल की आधारभूत संरचना को तेजी से उन्नत किया जा रहा है। नए भवन, अत्याधुनिक उपकरण, आधुनिक प्रयोगशालाएं और स्पेशियलिटी वार्ड विकसित किए जा रहे हैं, ताकि नेशनल मेडिकल कमीशन के मानकों को पूरा किया जा सके। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार पीजी सीटों में लगभग तीन गुना बढ़ोतरी से सुपर स्पेशियलिटी डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी और एमजीएम को रीजनल रेफरल सुपर स्पेशियलिटी सेंटर के रूप में विकसित किया जा सकेगा। एमबीबीएस और पीजी सीटों में बढ़ोतरी से भविष्य में प्रशिक्षित और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे न केवल एमजीएम बल्कि पूरे झारखंड के स्वास्थ्य तंत्र को मजबूती मिलेगी। हजार बेड वाले अस्पताल की दिशा में तेजी : सीटों में बढ़ोतरी के लिए संबद्ध अस्पतालों में कम से कम 850 बेड होना अनिवार्य है। वर्तमान में 500 बेड का नया अस्पताल तैयार हो चुका है। वहीं साकची स्थित एमजीएम परिसर में 500 बेड का एक और अस्पताल निर्माणाधीन है। कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. संजय कुमार के अनुसार यह परियोजना अगले डेढ़ वर्ष में पूरी हो जाएगी। दोनों अस्पताल शुरू होने के बाद एमजीएम के पास 1000 से अधिक बेड की क्षमता होगी। करीब 250 करोड़ रुपये का निवेश : एमबीबीएस और पीजी सीटों में बढ़ोतरी के लिए आधारभूत संरचना के उन्नयन पर लगभग ढाई सौ करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। तैयार डीपीआर के अनुसार कॉलेज परिसर में अत्याधुनिक यूजी और पीजी हॉस्टल, आधुनिक क्लासरूम, लेक्चर थियेटर, नया प्रेक्षागृह, उन्नत प्रयोगशालाएं, कौशल विकास केंद्र तथा इनडोर-आउटडोर स्पोर्ट्स ग्राउंड विकसित किए जाएंगे। एमजीएम में होने वाले प्रमुख परिवर्तन
आधुनिक तकनीक से सुसज्जित शिक्षण कक्ष
विस्तृत क्लीनिकल और प्रैक्टिकल सुविधाएं एनएमसी मानकों के अनुरूप इंफ्रास्ट्रक्चर सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं का विस्तार
छात्रों और मरीजों के लिए उन्नत सुविधाएं 50 लाख आबादी को मिलेगी बड़ी राहत इस विस्तार का सीधा लाभ कोल्हान की 50 लाख की आबादी को मिलेगा। गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अब मरीजों को रांची, कोलकाता या अन्य महानगरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा। वर्तमान में रिम्स में इलाजरत मरीजों में कोल्हान की हिस्सेदारी औसतन 20 प्रतिशत है, जो एमजीएम के सुपर स्पेशियलिटी सेंटर के रूप में विकसित होने से घटेगी। फिलहाल एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में स्वीकृत पदों के मुकाबले मात्र 46 प्रतिशत डॉक्टर ही हैं। कैथ लैब तैयार है और जल्द ही मरीजों को इसकी सुविधा मिलने लगेगी। राज्य स्तर पर 96 सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सकों की नियुक्ति प्रक्रिया जारी है, जिसके मार्च तक पूरी होने की उम्मीद है। अनुबंध पर भी विशेषज्ञ डॉक्टरों की बहाली का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इन सभी परियोजनाओं के पूरा होने के बाद एमजीएम मेडिकल कॉलेज और अस्पताल नए स्वरूप में नजर आएगा।


