शहर की महेश पब्लिक स्कूल में आगामी बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनजर कक्षा 12वीं के स्टूडेंट्स के लिए ‘विदाई आशीर्वाद समारोह’ का आयोजन किया गया। स्कूल प्रांगण में आयोजित इस कार्यक्रम में न केवल छात्र-छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया गया, बल्कि उन्हें परीक्षा के दौरान मानसिक तनाव से मुक्त रहने और जीवन के बड़े ‘कर्मक्षेत्र’ में सफल होने के व्यावहारिक सूत्र भी सिखाए गए। समारोह का आगाज माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। विदाई की इस बेला को यादगार बनाने के लिए जूनियर स्टूडेंट्स ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। नृत्य और गीतों की प्रस्तुतियों के बीच सीनियर्स के लिए विशेष मनोरंजक खेल (गेम्स) भी आयोजित किए गए, जिसमें छात्रों ने जमकर उत्साह दिखाया। पुरानी यादों को ताजा करते हुए सीनियर स्टूडेंट्स ने भी अपनी ओर से सांस्कृतिक प्रस्तुति दी और स्कूल परिवार का आभार जताया। तनाव प्रबंधन और करियर मार्गदर्शन कार्यक्रम का मुख्य केंद्र स्टूडेंट्स का मार्गदर्शन रहा। शिक्षक वृन्द ने अपने संबोधन में बताया कि बोर्ड परीक्षा जीवन का एक पड़ाव है, न कि अंतिम मंजिल। शिक्षकों ने करियर चयन, जीवन के उतार-चढ़ाव और परीक्षा के बाद आने वाली चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्हें सिखाया गया कि कैसे संयम और कड़ी मेहनत के बल पर वे अपने करियर में शिखर तक पहुँच सकते हैं। प्रबंधन का आशीर्वचन: ईमानदारी ही सबसे बड़ी पूंजी
चेयरमैन कैलाश मोदी ने विद्यार्थियों को आशीर्वचन देते हुए कहा कि यह समय अपनी पूरी क्षमता दिखाने का है। उन्होंने सभी छात्रों को आगामी बोर्ड परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएं दीं और उनके सुखद एवं सफल भविष्य की कामना की।
उन्होंने स्टूडेंट्स को तीन मुख्य मंत्र दिए:
• जीवन में कभी भी सीखने की प्रक्रिया को न रोकें।
• अपने कार्य और आचरण में हमेशा ईमानदार रहें।
• सफलता की ऊंचाइयों को छूते हुए भी अपने जीवन मूल्यों और जड़ों से जुड़े रहें।
प्राचार्या पुनीता बोहरा ने स्टूडेंट्स को भावुक संदेश देते हुए कहा, “यह एक ऐसा अवसर है जो पुरानी यादों को संजोने और नए भविष्य की नींव रखने के बीच का सेतु है।”


