भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने इस बार मध्यप्रदेश में मानसून के सामान्य से बेहतर रहने की उम्मीद जताई है। अनुमान के मुताबिक, एमपी में 104 से 106% यानी, औसत 38-39 इंच बारिश हो सकती है। जबलपुर-शहडोल संभाग में सबसे ज्यादा पानी गिरेगा, जबकि ग्वालियर, चंबल, इंदौर, उज्जैन और भोपाल संभाग में भी कोटा फुल हो सकता है। बता दें कि साल 2023 में प्रदेश के 25 से ज्यादा जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई थी, लेकिन पिछले साल भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर समेत 44 जिलों में कोटे से ज्यादा बारिश हुई थी। नतीजा ये रहा है कि सोयाबीन का उत्पादन प्रति हेक्टेयर 2 क्विंटल तक बढ़ गया था। वहीं, गेहूं-चने के लिए भी अच्छा पानी गिरा था। मंगलवार को भारतीय मौसम विभाग ने मानसून अपडेट जारी किया। कहा गया कि जून से सितंबर तक मानसून सामान्य से बेहतर रहेगा। भोपाल के मौसम वैज्ञानिक वीएस यादव ने बताया कि इस बार भी अच्छी बारिश होने की उम्मीद है। यह 106 प्रतिशत तक हो सकती है। यहां अच्छी बारिश होने की उम्मीद
मौसम विभाग ने प्रदेश के ज्यादातर जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश होने का अनुमान जताया है। जबलपुर, शहडोल संभाग में सबसे अधिक पानी गिरने की उम्मीद है। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग के ज्यादातर जिलों में डेढ़ सौ फीसदी तक पानी गिर सकता है। उत्तरप्रदेश बॉर्डर के कुछ जिले में सामान्य बारिश होने के भी आसार है। भारतीय मौसम विभाग ने मानसून अपडेट जारी किया 2017 में हुई भी सबसे कम बारिश, 2019 में जमकर बरसा
पिछले 10 साल के बारिश के आंकड़े पर नजर डालें तो साल 2017 में सबसे कम बारिश हुई थी। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37.3 इंच है। इसके मुकाबले औसत 29.9 इंच बारिश हुई थी। साल 2015 में 32.4 इंच, 2018 में 34.3 इंच बारिश दर्ज की गई थी। सबसे ज्यादा पानी वर्ष 2019 में 53 इंच हुई थी। वहीं, 2021 और 2023 में सामान्य से थोड़ी ही कम बारिश हुई थी। इस तरह कह कहते हैं कि पिछले 6 साल से प्रदेश में अच्छी बरसात हो रही है। यदि मौसम विभाग का इस साल का अनुमान सही बैठता है तो लगातार 7वें साल प्रदेश में सामान्य से ज्यादा बारिश होगी। मई में मानसून का एक और अपडेट
मई के आखिरी में मौसम विभाग एक और अपडेट देगा। इसके बाद मानसून की ताजा तस्वीर साफ हो जाएगी। अब ग्राफिक्स से जानिए, 2024 में हुई बारिश की तस्वीर…


