संभाग के एमबीएस अस्पताल में मरीजों को अब और राहत मिलेगी। उन्हें दो अलग अलग भवनों के चक्कर काटने की परेशानी से राहत मिलेगी और एक ही जगह ओपीडी और इमरजेंसी की सुविधा मिल सकेगी। इसी महीने से इमरजेंसी को भी नई बिल्डिंग में शिफ्ट कर दिया जाएगा। जिसके बाद मरीज और उनके तीमारदारों को अलग अलग भवनों में दौड़ने की जरूरत नहीं रहेगी। न ही इमरजेंसी में जाने के लिए भटकना पडे़गा। एमबीएस अस्पताल का नया भवन बनकर तैयार है। कुछ डिपार्टमेंट उसमें चल रहे है। ओपीडी की सेवाएं वहीं चल रही है। लेकिन सुबह ओपीडी के बाद दोपहर बाद इमरजेंसी सुविधा पुरानी बिल्डिंग में ही चल रही है। जिसके चलते कई बार मरीजों को परेशान होना पड़ता है। इस महीने इसे नए भवन में ही शिफ्ट कर दिया जाएगा ताकि ओपीडी और उसके बाद इमरजेंसी की सुविधा एक ही जगह मिल सके। अभी एमबीएस अस्पताल में क्या व्यवस्था है
-वर्तमान में एमबीएस अस्पताल में सुबह नौ बजे से दोपहर तीन बजे तक ओपीडी सेवाएं संचालित हो रही है। जो कि नई बिल्डिंग में संचालित हो रही है। दोपहर तीन बजे बाद इमरजेंसी सेवाएं पुरानी बिल्डिंग में ही चलती है। दोहरी व्यवस्था की वजह से मरीजों को नई और पुरानी बिल्डिंग के बार बार चक्कर लगाने पड़ते है। खासकर गंभीर हालत वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इमरजेंसी में दिखाने वालों के लिए पर्ची काउंटर कहां होगा
-नई व्यवस्था के तहत पर्ची काउंटर ओपीडी काउंटर पर ही बनेगा। इमरजेंसी सुविधा नए भवन में संचालित होने पर वहीं से पर्ची बनवाई जा सकेगी। इसके लिए अलग अलग जगह नहीं जाना होगा। भर्ती पुरानी बिल्डिंग में ही करते है, क्या ये सुविधा भी बदलेगी
-अभी फिलहाल ओपीडी नए भवन में चल रही है। इनडोर के पेशेंट को पुरानी बिल्डिंग में ही भर्ती किया जा रहा है। इमरजेंसी सुविधाएं नई बिल्डिंग में संचालित इस महीने से शुरू हो जाएगा। अस्पताल अधीक्षक डॉ. धर्मराज के अनुसार अभी केवल इमरजेंसी सुविधा को ही शिफ्ट कर रहे हैं, भर्ती की प्रक्रिया पुरानी बिल्डिंग में ही रहेगी। इमरजेंसी सुविधा नई बिल्डिंग में शिफ्ट होने से क्या फायदा मिलेगा
– दोहरी व्यवस्था के कारण मरीजों को नई और पुरानी बिल्डिंग के बीच बार-बार चक्कर लगाने पड़ते है। इमरजेंसी कक्ष के नई बिल्डिंग में शिफ्ट होने से जांच, प्राथमिक उपचार और त्वरित चिकित्सा सुविधा एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकेगी। इस बदलाव से मरीजों को समय पर बेहतर इलाज मिल सकेगा और अनावश्यक भागदौड़ से निजात मिलेगी। लंबे समय से जिस सुविधा का इंतजार मरीज कर रहे थे, वह अब पूरी होने जा रही है।


