जोधपुर एम्स में कार्यरत बागवान मांगीलाल की गुरुवार को उपचार के दौरान मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल परिसर में प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजनों ने शव उठाने से इनकार करते हुए प्रशासन से मुआवजा और नौकरी की मांग की। परिजनों का आरोप है कि मांगीलाल 28 जनवरी को एम्स अस्पताल में एक निजी कंपनी के तहत बागवानी कार्य कर रहा था। बागवानी कार्य के बावजूद उससे और उसके एक साथी से ऊंचाई पर चढ़कर पेड़ों की छंगाई का जोखिम भरा काम कराया गया। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से तीनों नीचे गिर गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान गुरुवार को मांगीलाल ने दम तोड़ दिया। संविदा पर नौकरी और एक करोड़ मुआवजे की मांग परिवार का कहना है कि बागवानी के अलावा अन्य खतरनाक कार्य कराए जाने के कारण ही यह हादसा हुआ, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित निजी कंपनी और प्रशासन की है। परिजनों ने मृतक के आश्रित को संविदा पर नौकरी देने और एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की है। प्रशासन ने की परिजनों से वार्ता घटना की सूचना पर एसीपी छवि शर्मा और बासनी थाना अधिकारी नितिन दवे मौके पर पहुंचे। एम्स अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी भी परिजनों से वार्ता कर रहे हैं। हालांकि, खबर लिखे जाने तक परिजन अपनी मांगों पर अड़े हुए थे और शव नहीं उठाया है।


