शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल और एआईसीटीई ने बुधवार को एलएनसीटी (नोडल सेंटर) में एसआईएच (स्मार्ट इंडिया हैकेथॉन 2024) ग्रैंड फिनाले के सॉफ्टवेयर संस्करण का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथ एवं आईआईआईटी भोपाल के निदेशक डॉ. आशुतोष कुमार सिंह ने कहा कि स्मार्ट इंडिया हैकेथान यंग माइंड्स को रियल वर्ल्ड की प्रॉब्लम को हल करने का अवसर देती है। इससे स्टूडेंट्स में क्रिटिकल थिंकिंग, डिजाइन थिंकिंग विकसित होती है। डॉ. सिंह ने कहा कि पूर्ण विश्वास है कि हमारा युवा विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की पूजा-अर्चना से हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. सिंह, विशिष्ट अतिथि संतोष कमाने एआईसीटीई, एसआईएच, नोडल केंद्र प्रमुख एवं विशेष अतिथि, डॉ. अनुपम चौकसे उपस्थित थे। संतोष कमाने ने कहा कि भारत का शिक्षा मंत्रालय, स्मार्ट इंडिया हैकेथान के माध्यम से स्कूल और विश्वविद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों को एक मंच देता है, जिससे वे अपने आइडिया को स्टार्टअप और उद्यमिता में परिवर्तित कर सकें। डा. अनुपम चौकसे ने कहा कि हम चाहते हैं कि हमारे युवा जॉब देने वाले, जॉब उत्पन्न करने वाले बनें। इसके लिए हम ऐसा ईको सिस्टम विद्यार्थियों को उपलब्ध करा रहे हैं। भारत सरकार की यह अनूठी पहल यंग माइंड्स को राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का अवसर देती है। अतिथियों का स्वागत डॉ. अशोक कुमार राय, डायरेक्टर एडमिनिस्ट्रेशन एलएनसीटी समूह, डॉ. विवेक रिछारिया, डॉ. अनूप चतुर्वेदी ने किया। सॉफ्टवेयर संस्करण में 11 राज्यों की 20 टीम भाग ले रही हैं।


