मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) के तहत प्रदेशभर में 6.40 लाख लोगों को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय से नोटिस जारी किया गया है। इन्होंने एसआईआर फार्म लिया लेकिन जमा नहीं किया है। नोटिस में कहा गया है कि अगर उनके या रिश्तेदारों के नाम 2003 की मतदाता सूची में नहीं है तो वे आयोग से जारी 13 दस्तावेजों में से एक को प्रस्तुत कर वे अपना नाम जुड़वाने का दावा कर सकते हैं। आयोग के इस फरमान से सबसे अधिक परेशान अशिक्षित और भूमिहीन परिवार हैं। उनके पास केवल आधार और राशन कार्ड है। आयोग के 13 दस्तावेजों की लिस्ट में आधार और राशन कार्ड नहीं है। नतीजा अधिकारी ऐसे लोगों को वापस लौटा रहे हैं। भास्कर टीम ने निकाय केंद्रों में पहुंच रहे लोगों की दिक्कत जानने कुछ सेंटरों का दौरा किया। पता चला कि आयोग द्वारा मान्य दस्तावेजों की लिस्ट के हिसाब से कागजात जुटाना पढ़े-लिखे और सरकारी नौकरी करने वालों के लिए आसान है। यही वजह है कि नाम जुड़वाने के लिए आवेदन करने वालों में ऐसे लोगों की संख्या कम है। ज्यादातर ऐसे परिवार के लोग पहुंच रहे हैं जिनके मुखिया या तो अशिक्षित हैं या उन्होंने जमीन नहीं खरीदी है। इसी नगर निगम जोन-7 में 65 साल की वृद्ध महिला दुखिया साहू राशन कार्ड लेकर पहुंची। उन्हें बताया गया कि यह नहीं चलेगा, बुजुर्ग ने कहा वह स्कूल नहीं गई। उनके पास स्कूल का कोई कागज नहीं है। गरीबी के कारण जमीन नहीं खरीदी। सरकार की ओर से कोई भूमि आवंटन से संबंधित प्रमाण पत्र भी नहीं है। उनका जब जन्म हुआ तब जन्म प्रमाण पत्र भी नहीं बनता था। फिलहाल उनके पास आधार और राशन कार्ड ही है। इसी तरह जोन-4 में भी एक व्यक्ति आधार कार्ड लेकर पहुंचा। उसने भी इसी तरह की समस्या बताई। बाद में नाम जुड़ने के विकल्प रहेगा
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि दावा-आपत्ति और दस्तावेजों के सत्यापन में 13 दस्तावेज सभी के लिए सुलभ हैं। बिना इन दस्तावेजों के मतदाता सूची में नाम नहीं जोड़े जा सकते। वैसे लोगों के पास एक विकल्प रहेगा। एसआईआर की प्रक्रिया के बाद नए सिरे से मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए ऑफलाइन और ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। उस समय आधार कार्ड के आधार पर मतदाता सूची में नाम जोड़ा जाएगा। इसलिए परेशान होने की जरूरत नहीं है। केवल इन्हीं दस्तावेजों को माना जा रहा
जन्म भारत के बाहर तो विदेश स्थित भारतीय मिशन द्वारा जारी जन्म पंजीकरण प्रमाण पत्र की प्रति। { शासकीय कर्मचारी, पेंशनभोगी के लिए सरकारी उपक्रम से जारी पहचान पत्र या पेंशन आदेश। { 01.07.1987 से किसी सरकारी, बैंक, डाकघर, एलआईसी से जारी पहचान पत्र या प्रमाण पत्र। {सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र। { पासपोर्ट। मान्यताप्राप्त बोर्ड-विवि से जारी मैट्रिक या शैक्षणिक प्रमाण पत्र। { सक्षम राज्य अधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण पत्र। वन अधिकार प्रमाण पत्र। {ओबीसी, एससी, एसटी या अन्य जाति प्रमाण पत्र। { राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर जहां एनआरसी लागू हो। { राज्य, स्थानीय प्राधिकरण द्वारा तैयार परिवार रजिस्टर। {सरकार द्वारा जारी भूमि, मकान, आवंटन प्रमाण पत्र। आधार संबंधी मामलों में आयोग की गाइडलाइन।


