सवाई मान सिंह स्टेडियम। राजस्थान खेलों का हब। यहां गंदगी का ढेर है। जगह-जगह शराब की खाली बोतलें, प्रतिबंधित इंजेक्शन और टेबलेट के खाली खोल मिल जाते हैं। इनकी वजह कहीं अवैध रूप से साइकिल वेलोड्रम के नीचे बने कमरों और अन्य जगह रह रहे लोग तो नहीं है। इस सबकी जानकारी के लिए प्रमुख शासन सचिव भवानी सिंह देथा (अतिरिक्त चार्ज खेल विभाग) ने एक 4 सदस्यीय समिति गठित कर रिपोर्ट मांगी है। इस समिति में अनिता मीणा (शासन उपसचिव), राजेन्द्र सिंह (सचिव स्पोर्ट्स काउंसिल), मालती चौहान (सी. स्पोर्ट्स ऑफीसर, कार्मिक विभाग) और मुरारी लाल मीणा (अनुभाग अधिकारी, खेल विभाग) में शामिल थे। ये कमेटी सुबह-सुबह ही स्टेडियम में मुआयना करने पहुंच गई। स्टेडियम के हर कौने का मुआयना किया। अवैध कब्जे कर रह रहे लोगों को जब पता चला कि जांच कमेटी आई है तो कमरों का ताला लगाकर निकल गए। हां, कुछ कमरों में अवैध रूप से खिलाड़ी भी रह रहे थे। इनमें से एक करौली का बच्चा था, जो क्रिकेट खेलता है। वह 30 नंबर कमरे में रहता है। यहां तक कि उसने गैस सिलेंडर वगैरह भी रख रखा है। खाना वगैरह भी वहीं बनाता है। जब उससे पूछा तो कहा, ‘मुझे करण सिंह ने रखा था। उन्हीं के कहने पर मैं यहां रह रहा हूं।’ साथ के ही कमरे में साइक्लिंग के 7-8 बच्चे खाना खा रहे थे। उनसे जब पूछा तो उन्होंने कहा, ‘हम तो स्पोर्ट्स काउंसिल के अध्यक्ष नीरज के. पवन की अनुमति से यहां रह रहे हैं और यहां पर साइक्लिंग की तैयारी कर रहे हैं।’ न तो यहां पर साइक्लिंग का कोई हॉस्टल है और न ही क्रिकेट का। फिर बिना लिखित अनुमति के ये लोग यहां कैसे रह रहे हैं, इस बारे में जब स्पोर्ट्स काउंसिल के सचिव राजेन्द्र सिंह से पूछा तो उन्होंने कहा, ‘जो भी लोग अवैध रूप से स्टेडियम में रह रहे हैं हम उन सभी को बाहर करेंगे।’ जब कमेटी मुआयना करने आई उस समय साइकिल वेलोड्रम के नीचे 7 कमरों में तो ताले लगा कर लोग भाग गए। जगह-जगह बाथरूम में और डस्टबिन में शराब और बीयर की बोतलें और केन आदि मिले। स्पोर्ट्स काउंसिल के अध्यक्ष नीरज के. पवन एसएमएस स्टेडियम में डोप रोधी वर्टिकल केन्द्र खोलने के लिए नाडा के अध्यक्ष आशीष भार्गव को पत्र लिख चुके हैं। 17 दिसंबर को लिखे पत्र में डोपी रोधी सेमीनार आयोजित करवाने की भी गुजारिश की गई थी। इधर, देर रात जांच कमेटी की अनुशंसा पर एईएन मनीष बाजिया, स्टेडियम सुपरवाइजर अतुल शर्मा, कोच विनोद पूनिया और सुरेंद्र सिंह को नोटिस जारी किया गया है। मिनी स्वीमिंग पूल के पास भी है कब्जा मिनी स्वीमिंग पूल के पास बने कमरे पर भी लोगों ने कब्जा कर रखा है। यहां जिन्होंने कब्जा कर रखा है उन्होंने तो बाकायदा बेड वगैरह भी डाल रखा है। हालांकि कमेटी जब पहुंची तो ताला लगा मिला। सिक्योरिटी गार्ड के पास भी कमरों के तालों की चाभी नहीं थी। बॉयज स्पोर्ट्स हॉस्टल में वार्डन ही नहीं है एसएमएस स्टेडियम में बॉयज की दो एकेडमी (बास्केटबॉल और हॉकी) चलते हैं। इसमें 18 से 25 साल तक के बच्चे रहते हैं। खास बात यह है कि इस बॉयज हॉस्टल में वार्डन ही नहीं हैं। एक-दो बार इन बच्चों ने स्टेडियम में हंगामा भी किया है।


