एसटीआर डिप्टी-डायरेक्टर की शिकायत की जांच करने पहुंचे डीएफओ:लेट होने के कारण नहीं हुए बयान, शिकायतकर्ता डीएफओ से बोले- ‘माइंड योर लैंग्वेज’

सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (STR) की डिप्टी डायरेक्टर पूजा नागले के खिलाफ 7 महीने पहले हुई शिकायत की जांच हरदा फॉरेस्ट विभाग के उत्पादन डीएफओ नरेंद्र पांडवा कर रहे हैं। वे आज (सोमवार) फिर से शिकायतकर्ता और कर्मचारियों के बयान लेने सोमवार को देरी से सीसीएफ कार्यालय नर्मदापुरम पहुंचे। करीब दो-ढाई घंटे देरी से पहुंचने की वजह से शिकायतकर्ता वन कर्मचारी संघ संरक्षक मधुकर चतुर्वेदी और उक्त कर्मचारियों के बयान नहीं हो पाएं। देरी से पहुंचने को लेकर शिकायतकर्ता चतुर्वेदी ने डीएफओ से कहा आपके इंतजार में तीन घंटे से इंतजार कर रहे हैं। जिससे डीएफओ ने 3 बजे निर्धारित समय देने का कहा। शिकायतकर्ता और जांच अधिकारी डीएफओ के बीच सीसीएफ दफ्तर परिसर में बहस होने लगी। शिकायतकर्ता और वन कर्मचारी संघ संरक्षक चतुर्वेदी ने डीएफओ से कहा कि ‘माइंड योर लैंग्वेज’ मैं एक रिस्पेक्टेड पर्सन हूं और रिटायर्ड फॉरेस्ट अफसर। कुछ देर बाद शिकायतकर्ता चतुर्वेदी ने डीएफओ पांडवा से बयान के लिए अगली तारीख मांगी, इस पर अगली तारीख तय हुई। शनिवार को डिप्टी डायरेक्टर कार्यालय पहुंचे थे
दरअसल, एसटीआर की डिप्टी डायरेक्टर नागले के खिलाफ हुई शिकायत की जांच करने हरदा उत्पादन के डीएफओ नरेंद्र पांडवा 4 जनवरी शनिवार को दोपहर 1 बजे छुट्टी के दिन एसटीआर के डिप्टी डायरेक्टर कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने करीब 10 से ज्यादा कर्मचारियों के बयान लिए गए। जिसमें दफ्तर के हेड क्लर्क, तृतीय श्रेणी और कुछ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के बयान हुए। वहीं शिकायतकर्ता वन कर्मचारी संरक्षक चतुर्वेदी ने अन्य स्थान पर कर्मचारियों के बयान और जांच की मांग डीएफओ और फील्ड डायरेक्टर से की थी। इसके बाद डीएफओ पांडवा ने सोमवार को कर्मचारियों और शिकायतकर्ता को बयान लेने के लिए सीसीएफ कार्यालय बुलाया था। कर्मचारियों से दुर्व्यवहार, बंगले से हटाने समेत अन्य आरोप
वन कर्मचारी संघ संरक्षक चतुर्वेदी ने जून में डिप्टी डायरेक्टर की तानाशाही की शिकायत की, जिसमें डिप्टी डायरेक्टर द्वारा कर्मचारियों से दुर्व्यवहार करने, डीडी बंगले में लगे कर्मचारियों को हटाने समेत अन्य बिंदुओं की शिकायत की थी। जिसकी जांच एसटीआर फील्ड डायरेक्टर और सीसीएफ नर्मदापुरम सर्कल के सीनियर आईएफएस अफसर से करवा रहे हैं। जांचकर्ता अधिकारी DFO बोले 3बजे का समय दिया
जांचकर्ता अधिकारी DFO पांडवा ने बताया कि तीन शिकायतें की जांच मुझे मिली है। जिसमें पहली शिकायत मधुकर चतुर्वेदी द्वारा की डिप्टी डायरेक्टर पूजा नागले, दूसरी शिकायत पूर्व डिप्टी डायरेक्टर संदीप फैलोज और तीसरी शिकायत विस्थापित ग्रामीणों की समस्या की है। डीएफओ ने बताया जांच करने आज सीसीएफ कार्यालय नर्मदापुरम पहुंचे थे। शिकायतकर्ता और कुछ कर्मचारियों को बुलाया गया। सभी को समय दोपहर 3 बजे दिया था, लेकिन कुछ देरी से हम पहुंचे। जबकि शिकायतकर्ता चतुर्वेदी का कहना है कि हमें दोपहर 1 बजे का समय दिया। उस हिसाब से हम लोग आए। 3 बजे का बाद में पता चला। लेकिन वे 4 बजे आए।

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