बलरामपुर जिले के हंसपुर गांव में कुसमी एसडीएम और उनके गुर्गों की पिटाई से मृत आदिवासी ग्रामीण के शव का मंगलवार रात ही अंतिम संस्कार कर दिया गया। घटना के बाद गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि एसडीएम के साथ पकड़े गए युवकों के अलावे अन्य लोग भी थे, जिन्होंने गांव में हूटर बजाते हुए आतंक मचाया था। हंसपुर गांव में बाक्साइट के अवैध उत्खनन के विवाद पर एसडीएम के साथ दो निजी गाड़ियों में पहुंचे युककों ने तीन ग्रामीणों की पिटाई कर दी थी, जिनमें से एक आदिवासी वृद्ध रामनरेश राम (60 वर्ष) की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई। सोमवार को शव का पोस्टमार्टम किया गया, लेकिन परिजन शव लेकर नहीं गए। मंगलवार को सर्व आदिवासी समाज एवं कांग्रेस ने कुसमी में धरना प्रदर्शन किया। धरना प्रदर्शन समाप्त होने के बाद मंगलवार देर शाम राम नरेश राम की डेड बाडी उसके घर पहुंची। डेड बाडी डिस्पोज होने लगी थी, जिसके कारण शव का रात को ही अंतिम संस्कार ग्रामीणों की उपस्थिति में किया गया। मारपीट में घायल अजीत उरांव व आकाश अगरिया का इलाज कुसमी स्वास्थ्य केंद्र में किया जा रहा है। देखिए पहले ये तस्वीरें-
एसडीएम एवं गुर्गों ने मचाया था आतंक
ग्रामीणों ने बताया कि हंसपुर इलाके में बाक्साइट का अवैध उत्खनन किया जा रहा था। यहां से रोज कई ट्रक बाक्साइट कोरंधा मार्ग से झारखंड भेजा जाता था। अवैध उत्खनन में सीधे तौर पर एसडीएम करूण डहरिया एवं कुछ भाजपा नेता शामिल थे। ग्रामीण अवैध उत्खनन का विरोध कर रहे थे। रविवार को ग्रामीणों ने अवैध बाक्साइट लोड एक गाड़ी को रोक दी थी। ट्रक को रोकने की सूचना पर एसडीएम करूण डहरिया अपने वाहन एवं एक थार में सवार होकर 7 से 8 लोग हंसपुर पहुंचे थे। गाड़ी का सायरन सुनकर ट्रक को रोकने वाले ग्रामीण भाग गए। खेतों में पानी पटाकर लौट रहे राम नरेश व दो अन्य लोगों को इसकी जानकारी नहीं थी।
कांग्रेस ने बनाई जांच कमेटी, प्रदेश व्यापी आंदोलन का ऐलान
मामले की जांच के लिए छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने 10 सदस्यीय जांच कमेटी बनाई है। इस कमेटी में अमरजीत भगत संयोजक बनाए गए हैं। समिति के अन्य सदस्यों में पूर्व विधायक डॉ. प्रीतम राम, परास नाथ राजवाड़े, भानू प्रताप सिंह और पूर्व महापौर डॉ. अजय तिर्की भी शामिल हैं। मामले में कांग्रेस ने प्रदेश व्यापी आंदोलन का भी ऐलान किया है। महिला उप सरपंच के घर की तलाश ली
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एसडीएम एवं उनके साथ पहुंचे युवकों ने महिला उप सरपंच गीता देव के घर की तलाशी ली थी। वहां वे भोला नाम के व्यक्ति की तलाश कर रहे थे। रात के अंधेरे के कारण ग्रामीण एसडीएम के साथ आए लोगों को पहचान नहीं सके थे। मामले में हत्या के आरोप में एसडीएम करूण डहरिया सहित तीन अन्य युवकों विक्की सिंह उर्फ अजय प्रताप सिंह, मंजीत कुमार यादव और सुदीप यादव को जेल भेज दिया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि हत्याकांड में नायब तहसीलदार सहित अन्य ग्रामीण भी शामिल थे। बलरामपुर पुलिस के अनुसार मामले में लिप्त अन्य लोेगों की पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने कम से कम पांच से छह लोगों से पूछताछ भी की है एवं घटना के दौरान उनका मोबाइल लोकेशन भी निकाला जा रहा है। सेंट्रल जेल शिफ्ट किए जाएंगे SDM
एसडीएम करूण डहरिया को रामानुजगंज जेल से सेंट्रल जेल अंबिकापुर शिफ्ट किया जा रहा है। बुध् ावार को उन्हें सेंट्रल जेल अंबिकापुर शिफ्ट करने के लिए दोपहर करीब 3 बजे रवाना किया गया। बताया गया है कि सुरक्षा कारणों से उन्हंे अंबिकापुर शिफ्ट किया जा रहा है।


