भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने जेल में बंद निलंबित आईएएस अफसर विनय चौबे के खिलाफ राज्य सरकार से मुकदमा (अभियोजन) करने की स्वीकृति मांगी है। यह कार्रवाई हजारीबाग के खास महाल जमीन गड़बड़ी मामले में की गई है। एसीबी में विनय चौबे के खिलाफ फिलहाल चार केस दर्ज हैं। शराब घोटाले से जुड़े मामले में अभियोजन स्वीकृति का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। इसके बाद अन्य दो मामलों में भी सरकार से अनुमति मांगी जाएगी। एसीबी की ओर से भेजी गई फाइल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के कार्यालय पहुंच चुकी है। पिछले साल एसीबी ने विनय चौबे को शराब नीति से जुड़े घोटाले में गिरफ्तार किया था। आरोप है कि चौबे ने एक बाहरी शराब सिंडिकेट के साथ मिलकर 2022 में बनाई गई झारखंड की नई शराब नीति में गड़बड़ी की। इससे राज्य को 38 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ। आरोप…खास महाल जमीन का स्वरूप बदलकर निजी लोगों को बेचा गया इसके बाद हजारीबाग में खास महाल जमीन की गलत ढंग से बंदोबस्ती को लेकर चौबे के खिलाफ एक अलग केस दर्ज किया गया। आरोप है कि सरकारी खास महाल भूमि का दुरुपयोग किया गया, जमीन का स्वरूप बदलकर उसे निजी लोगों को देने का काम हुआ। इतना ही नहीं, हजारीबाग में उपायुक्त (डीसी) रहते हुए कथित वन भूमि घोटाले में भी एसीबी ने उनके खिलाफ केस दर्ज कराया है। आय से अधिक संपत्ति का भी केस एसीबी ने विनय चौबे और उनके परिजनों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का एक अलग मामला भी दर्ज किया है। आरोप है कि उनके पास ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति पाई गई है।


