पंचायतीराज विभाग के कनिष्ठ सहायक शुभकरण परिहार (छींपा) को निलंबित कर दिया गया है। उनके पांच ठिकानों पर एसीबी की सर्च में मिले सोना-चांदी, नकदी और बैंक खाते सीज कर दिए गए हैं। अचल संपत्ति का आकलन करने के लिए सर्वे कराया जा रहा है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने आय से अधिक संपत्ति की जांच के लिए शुक्रवार को बीकानेर में पूनरासर निवासी और फलोदी की ग्राम पंचायत कानासर हाल बाप पंचायत समिति की उदट ग्राम पंचायत में पदस्थापित कनिष्ठ सहायक शुभकरण छींपा के पांच ठिकानों पर सर्च की थी। इस दौरान उसके पास 15 करोड़ रुपए से ज्यादा की चल-अचल संपत्ति का पता चला, जबकि एसीबी ने 15 सालों में उसकी नौकरी से अर्जित वैध आय करीब 17 लाख रुपए माना। आरोपी के जयपुर रोड स्थित मातेश्वरी एन्क्लेव, व्यास कॉलोनी, गंगाशहर रोड छींपों का मोहल्ला, मूल निवासी श्रीडूंगरगढ़ के पूनरासर गांव और फलोदी में कानासर व उदट से सर्च में मिला सोना, चांदी, नकदी, बैंक खाते सीज कर दिए गए हैं। उसके अलग-अलग जगह मिले मकान, जमीनों का आकलन शुरू कर दिया गया है। इसके लिए अनुसंधान अधिकारी एसीबी की बीकानेर चौकी के एएसपी विनोद कुमार ने शनिवार को सर्वेयर की टीमों को आरोपी के ठिकानों पर भेजा गया है। इसके अलावा आरोपी के तीन बैंक खाते सीज किए गए हैं जिनकी छानबीन की जाएगी। सर्वे, बैंक खातों और जमीनों व अन्य दस्तावेजों की जांच के बाद कुल संपत्ति का आकलन किया जाएगा। उसके बाद रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय को भेजी जाएगी। एसीबी के अधिकारियों का कहना है कि आरोपी ने भ्रष्ट तरीकों से करोड़ों रुपयों की अवैध संपत्तियां अर्जित की हैं। बड़ा सवाल : इतनी दौलत कैसे हासिल की एसीबी को पंचायतराज विभाग के एलडीसी के पास से अब तक 15 करोड़ रुपए से ज्यादा की चल-अचल संपत्तियों का पता चला है। इससे बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि वर्ष, 10 में नौकरी लगे कर्मचारी की अब तक वैध आय 17 लाख रुपए मानी गई, उसने करोड़ों रुपए की अवैध दौलत कैसे हासिल कर ली। इसमें आरोपी के अलावा विभागीय कामकाज का सिस्टम भी जांच के घेरे में आ गया है। आरोपी ने भ्रष्ट तरीके से अकेले ही करोड़ों रुपए की संपत्तियां हासिल की या उसके साथ अन्य लोगों की मिलीभगत है, यह भी जांच का विषय है। “आरोपी से मिली चल-अचल संपत्तियों और दस्तावेजों की छानबीन की जा रही है। अचल संपत्तियों का सर्वे कराया है। सभी संपत्तियों का आकलन करने के बाद संपत्तियों की कुल कीमत का पता चल पाएगा। आय से अधिक संपत्ति का मुकदमा दर्ज है जिसकी विस्तृत जांच होगी।”
– भुवन भूषण यादव, डीआईजी एसीबी बीकानेर


