ऐतिहासिक धरोहरों की अनदेखी, पूर्व रियासत का पावर हाउस खंडहर में तब्दील

भास्कर न्यूज| सरायकेला नगर पंचायत चुनावों की सरगर्मी के बीच, कला व संस्कृति संघटक कार्तिक परीक्षा ने सरायकेला के गौरवशाली इतिहास और वर्तमान की बदहाली पर गहरा क्षोभ व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत से पूर्व राजा के अधीन सरायकेला स्टेट तकनीकी और सामाजिक रूप से बेहद समृद्ध हुआ करता था। लोग बहुत ही खुश थे और चारोओर भाईचारगी थी। उन्होंने कहा कि कब तक यहां के लोग नादान बने रहेंगे। यहां की गौरवशाली विरासत को एक-एक कर मिटाया जा रहा है। यह पावर हाउस आज खंडहर में तब्दील हो चुका है, जो कभी पूरे नगर को रोशन करता था। उन्होंने कहा कि यह केवल एक योजना की बात नहीं है, बल्कि ऐसी कई ऐतिहासिक योजनाएं और संरचनाएं हैं जो सरायकेला स्टेट को गौरवान्वित करती थीं, लेकिन आज उपेक्षा की शिकार हैं। कार्तिक परीक्षा ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस खंडहर बन चुके ऐतिहासिक पावर हाउस का जीर्णोद्धार कर इसे एक उच्च कोटि के म्यूजियम के रूप में विकसित किया जाए। इससे न केवल सरायकेला की आने वाली पीढ़ियां अपने स्वर्णिम इतिहास से रूबरू हो सकेंगी, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। अगर ऐसा नहीं हुआ तो कुछ ही सालों में यह खंडहर पूरी तरह जमींदोज हो जाएगा। इसके आसपास की जमीन पर माफियाओं की गिद्ध दृष्टि भी लग गई है। इससे इसकी कई एकड़ की जमीन उनके हवाले हो जाएगी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जल्द ही वे उपायुक्त से मुलाकात करेंगे, ताकि, इतिहास को बचाया जा सके। जब जमशेदपुर डूबा था अंधेरे में, तब रोशनी से जगमगा रहा था सरायकेला : ​कार्तिक परीक्षा ने बताया कि सरायकेला स्टेट का अपना पावर हाउस हुआ करता था, जहां बिजली पैदा कर पूरे नगर को सप्लाई की जाती थी। यह वह समय था जब पड़ोसी शहर जमशेदपुर में भी बिजली की व्यवस्था नहीं थी। इस पावर हाउस का संचालन स्व. ज्योतिलाल परीक्षा द्वारा किया जाता था, जो सरायकेला की तकनीकी प्रगति का एक बड़ा प्रतीक था। कार्तिक परीक्षा ने दुःख जताते हुए कहा कि जिस सरायकेला का इतिहास इतना समृद्ध रहा, आज वह पिछड़ रहा है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *