ऐसी आग कि लोहा पिघल गया,मजदूरों के चीथड़े उड़े:ब्लास्ट के 5 घंटे बाद भी तप रही फैक्ट्री की दीवारें, भिवाड़ी पहुंचा भास्कर रिपोर्टर

जगह-जगह हड्डियों के ढेर, पूरे हॉल में मजदूरों के चीथड़े बिखरे हुए थे, 5 घंटे बाद भी दीवारें तप रही थीं। आग इतनी भीषण थी कि लोहा तक पिघल गया। भयावह दृश्य हादसे की कहानी खुद कह रहा था। यह मंजर है भिवाड़ी की केमिकल फैक्ट्री में धमाके के बाद का। सोमवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे हुए ब्लास्ट में 8 मजदूर जिंदा जल गए, जबकि 4 गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें दिल्ली एम्स रेफर किया गया। हादसे के बाद भास्कर टीम मौके पर पहुंची… प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उन्हें तो प्लास्टिक का सामान बनने का पता था। अवैध रूप से पटाखे बनाने की कोई जानकारी नहीं थी। लोगों ने बताया कि धमाके के बाद फैक्ट्री में आग के गोले नजर आए। कांच के टुकड़े सड़क पर गिरने लगे। 5 तस्वीरें से देखिए-भयानक हादसे का मंजर पहला मंजर- मजदूरों के शरीर के चीथड़े उड़े भास्कर टीम खैरथल तिजारा जिला मुख्यालय से करीब 40 किमी दूर खुशखेड़ा कारौली में (प्लॉट नंबर जी1-118बी) इंडस्ट्रियल एरिया में दोपहर तीन बजे पहुंची। फैक्ट्री के बाहर स्थानीय लोग और पुलिसकर्मी मौजूद थे। लोगों से बातचीत के बाद हम फैक्ट्री के अंदर गए। एंट्री करते ही बड़ा सा हॉल (35 बाय 80) था। हॉल का फर्श कोयले की तरह दिख रहा था। यहीं पर सुबह 9 बजकर 10 मिनट पर 5 से 7 सेकेंड में 4 से 5 धमाके हुए। काम कर रहे मजदूरों के शरीर के चीथड़े उड़ गए थे। यहां पास में बारुद भरे जाने वाले प्लास्टिक की पेंसिल के खोल का ढेर मिला। उसके नीचे एक नहीं 8 व्यक्तियों के कंकाल मिले। हादसा इतना भयावह था कि मजदूरों की पहचान DNA के बाद ही हो पाएगी।
दूसरा मंजर- दीवार से टकराकर जले मजदूर
फैक्ट्री के हॉल में लगातार एक के बाद एक हुए ब्लास्ट से प्लास्टर दीवारों से उखड़कर फर्श पर गिर गए। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है ब्लास्ट के बाद जान बचाकर भाग रहे मजदूर दीवार से टकराकर गिरे और आग में जल गए। तीसरी मंजर- ब्लास्ट में उड़ा शटर
तीसरा मंजर- फैक्ट्री के हॉल का शटर ब्लास्ट के ब्लॉस्ट के बाद उखड़कर सामने की फैक्ट्री के शटर पर जा गिरा। सामने वाली फैक्ट्री के शटर में छेद हो गए। भिवाड़ी, टपकूड़ा और खुशखेड़ा में एक भी पटाखा फैक्ट्री नहीं है। धमाके के बाद बगल की दो फैक्ट्रियों की 7 खिड़कियों के कांच बिखर गए। एक फैक्ट्री की दीवार पर बारुद के ऐसे निशान हो गए कि जैसे गोलियां बरसी हों। जमीन पर कांच के टूकड़े बिखर गए। चौथा मंजर- 5 घंटे बाद भी तप रही दीवारें ब्लास्ट कितना भयंकर था, इसका अनुमान इससे ही लगाया जा सकता है कि 5 घंटे के बाद भी हॉल की दीवारें इतनी तप रही थीं कि उनको हाथ नहीं लगा पाए। जबकि करीब दो घंटे तक दमकल ने पानी बरसाया था। इस भीषण आग में 2 मिनट में ही मजदूर जलकर कंकाल हो गए। पांचवां मंजर- सीमेंट सहित उखड़ी टाइल्स पहली मंजिल के एक कमरे की टाइल्स मलबे सहित उखड़ गई। यही नहीं छत के ऊपर एक सीमेंट के पिलर के लोहे का कुछ हिस्सा अलग पड़ा मिला। अब जानिए प्रत्यक्षदर्शियों ने क्या कहा… फैक्ट्री से आग के गोले निकलते दिखे पास में स्थित फैक्ट्री के चौकीदार दिल्ली निवासी राकेश ने बताया कि सुबह 9 बजे के आसपास अचानक धमाके की आवाज आई। बाहर आकर देखा तो बगल की फैक्ट्री में आग के गोले निकलते दिख रहे थे। कांच के टुकड़े सड़क पर गिरने लगे। उस फैक्ट्री का शटर ब्लास्ट के साथ उड़कर हमारी फैक्ट्री के शटर पर आकर लगा। फैक्ट्री में प्लास्टिक का काम होने का था पता चौकीदार ने कहा कि- हमें इस फैक्ट्री में प्लास्टिक का काम होने का पता था। यहां पटाखे और बारूद है, इसका किसी को नहीं पता था। फैक्ट्री भी हमेशा बंद रहती है। करीब दो महीने पहले ही यहां काम शुरू हुआ था। मजदूर रात को भी फैक्ट्री में ही रहते थे और खाना भी यहीं बनाते थे। कभी किसी से बात नहीं करते थे। फैक्ट्री के अंदर भी किसी को जाने नहीं देते थे। शटर भी बंद रखते थे। खुशखेड़ा में पहले भी धमाके हुए, लेकिन ऐसा भयानक नहीं खुशखेड़ा निवासी मनोज गुप्ता ने कहा- खुशखेड़ा में पहले भी दो बार धमाके हो चुके हैं। ये दर्दनाक हादसा है। ऐसा पहले कभी नहीं देखा गया। पुलिसकर्मी सचिन कुमार ने बताया कि हॉल में चार जगह शव मिले थे। एक शव शटर के बगल में पड़ा था। तीन शव एक जगह बीच में मिले। एक शव कचरे के नीचे मिला है। विस्फोट होने के बाद सबसे पहले दमकल की गाड़ी पहुंची। धुएं में कुछ नजर नहीं आया, हडि्डयां बिखरी दमकलकर्मी नरेशा कुमार मीणा ने बताया- मुख्य गेट का ताला तोड़कर अंदर घुसे। धुएं में कुछ नहीं दिख रहा था। आग बुझाने के दौरान पहले एक बॉडी दिखी। तब पता चला कि यहां कई जनों के शव हो सकते हैं। फिर एक-एक करके 8 शव निकाले। उनके शरीर की हड्डियां पूरे हॉल में बिखरी पड़ी हैं। वहां से FSL टीम ने सैंपल लिए हैं। मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि DNA टेस्ट से शवों की जांच होगी। तिजारा विधायक बालकनाथ और कांग्रेस के जिलाध्यक्ष बलराम यादव भी मौके पर पहुंचे। —
ये खबर भी पढ़िए-
राजस्थान की केमिकल फैक्ट्री में धमाका, 8 लोग जिंदा जले:अवैध रूप से बन रहे थे पटाखे, 3 मृतकों की हुई पहचान राजस्थान के भिवाड़ी की केमिकल फैक्ट्री में अचानक तेज धमाका हुआ। इसमें 8 मजदूर जिंदा जल गए, जबकि 4 गंभीर रूप से झुलस गए। (पढ़िए पूरी खबर) एक के बाद एक 3 धमाके, शवों के चीथड़े उड़े:कपड़ा बनाने के लिए रजिस्टर्ड फैक्ट्री में बन रहे थे पटाखे; किराए पर चल रही थी राजस्थान के भिवाड़ी में जिस फैक्ट्री में आग लगने से आठ लोग जिंदा जल गए, वह गारमेंट फैक्ट़्री के नाम से रजिस्टर्ड थी। (पढ़िए पूरी खबर)

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *