ऑनलाइन गेमिंग मामला- शहडोल में तीसरी मौत:पति और बेटी के बाद मां ने तोड़ा दम, प्रयागराज में हुआ अंतिम संस्कार

कोतवाली थाना क्षेत्र की पुरानी बस्ती में ऑनलाइन गेमिंग की लत से जुड़े मामले में परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई है। 24 फरवरी 2026 को हुए जहरकांड में पहले पिता शंकर लाल और बेटी स्वाति की जान चली गई थी, जिसके आठ दिन बाद 4 मार्च को होली के दिन मां राजकुमारी गुप्ता (36) ने भी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। अब इस परिवार में केवल 15 वर्षीय बेटा अनिकेत ही बचा है। राजकुमारी गुप्ता की हालत गंभीर बनी हुई थी और उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया था। शुरुआत में उनकी हालत में कुछ सुधार भी दिख रहा था, लेकिन बाद में अचानक तबीयत फिर बिगड़ने लगी। डॉक्टरों के लगातार प्रयासों के बावजूद 4 मार्च को होली के दिन उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। प्रयागराज में हुआ अंतिम संस्कार राजकुमारी गुप्ता का अंतिम संस्कार प्रयागराज में किया गया, जहां उनके बड़े भाई राजेंद्र गुप्ता के बेटे ने उन्हें मुखाग्नि दी। घटना के बाद से अनिकेत अपने बड़े पापा और बड़ी मम्मी के साथ रह रहा है और आगे भी उन्हीं के साथ रहेगा। कोल्डड्रिंक पीने के बाद बिगड़ी थी हालत जहरीला कोल्ड ड्रिंक पीने के कुछ ही देर बाद तीनों की हालत बिगड़ने लगी। बेटी स्वाति ने हिम्मत दिखाते हुए पिता के दोस्त सतीश को फोन कर कहा कि “पापा ने कुछ पिला दिया है… हमें बचा लीजिए।” जब सतीश और अनिकेत घर पहुंचे तो भयावह दृश्य सामने था। मां और बेटी आंगन में उल्टियां कर रही थीं, जबकि शंकर लाल छत पर बेहोश पड़ा था। तीनों को तुरंत मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां 25 फरवरी को पहले स्वाति की मौत हुई और कुछ ही घंटों बाद शंकर लाल ने भी दम तोड़ दिया। बेटी बोली थी-पापा ने कुछ पिला दिया…
‘पापा दो लीटर की कोका-कोला की बोतल लाए थे। मम्मी और मुझे दो-दो गिलास कोल्ड ड्रिंक दी। दो गिलास भरे और खुद पी लिए। बाकी कोल्ड ड्रिंक रखने को कहा। जब अंशु आएगा, तो वह भी पी लेगा। थोड़ी देर बाद हमारी हालत बिगड़ने लगी।’ यह बयान गुरुवार सुबह मौत होने से पहले स्वाति गुप्ता (16) ने पुलिस के सामने दिया था। उसकी मां राजकुमारी गुप्ता (38) शहडोल मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में भर्ती है। वहीं, पिता शंकर लाल (40) गुरुवार रात दम तोड़ चुके हैं। वहीं, पड़ोसियों ने बताया- स्वाति ने खुद फोन कर कहा कि पापा ने कुछ पिला दिया है, बचा लो। शुरुआत में बात को हल्के में लिया, लेकिन जब उल्टियों में तेज बदबू आई और उन तीनों की हालत बिगड़ती गई, तब अस्पताल भागे।पूरी खबर पढ़िए…

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *