ऑनलाइन में बदल रहा है सट्टा:ढाई हजार में मिल रहा सट्टा पैनल, डायमंड 7777 बुक के तार दुर्ग से

छत्तीसगढ़ में सट्टे का धंधा तेजी से ऑफलाइन से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट हो रहा है। अब सट्टा संचालित करने के लिए बड़े नेटवर्क की जरूरत भी नहीं रह गई है। महज 2500 से 8 हजार रुपए तक खर्च कर कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन सट्टे का ‘पैनल’ खरीदकर खुद का प्लेटफॉर्म शुरू कर सकता है। इसके जरिए क्रिकेट, फुटबॉल, ऑनलाइन कैसिनो, लूडो जैसे कई गेम पर सट्टा खिलाया जा रहा है। महादेव सट्टा एप के बाद अब शिवाय बुक और डायमंड 7777 बुक के जरिए यह नेटवर्क दुर्ग-भिलाई से फैलने लगा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक दुर्ग का सटोरिया रवि सोनकर डायमंड 7777 बुक का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। हाल ही में रायपुर पुलिस ने ऑनलाइन सट्टे का एक पैनल पकड़ा, जिसकी जांच में रवि सोनकर का नाम सामने आया। बताया जा रहा है कि उसने रायपुर में ही 25 से ज्यादा पैनल बांटे हैं। आशंका है कि दुर्ग और आसपास के जिलों में भी बड़ी संख्या में पैनल दिए गए हैं। फिलहाल रवि रायपुर और दुर्ग पुलिस को वांछित है। सूत्रों के अनुसार वह कोलकाता से अपने नेटवर्क का संचालन कर रहा है।
ऐसे चलता है ऑनलाइन सट्टे का नया मॉडल
ऑनलाइन सट्टे के इस सिस्टम में पहले एक ‘बुक’ या एप तैयार की जाती है। इसके बाद अलग-अलग शहरों में पैनल बांटे जाते हैं। पैनल खरीदने वाले व्यक्ति को करीब एक लाख वर्चुअल कॉइन मिलते हैं, जिससे वह अपने स्तर पर सट्टा प्लेटफॉर्म चला सकता है। सोशल मीडिया और वाॅट्सएप ग्रुप के जरिए खिलाड़ियों को जोड़ा जाता है और विभिन्न ऑनलाइन गेम पर दांव लगवाया जाता है। पैनल ऑपरेटर को हर दांव पर कमीशन मिलता है। रोजाना 10 से 15 लाख तक का कलेक्शन पुलिस सूत्रों के मुताबिक रवि सोनकर दुर्ग के बड़े सट्टा संचालकों में गिना जाता है। पहले वह ऑफलाइन सट्टा पर्ची और मोबाइल सट्टे का काम करता था, लेकिन अब उसने ऑनलाइन सट्टा प्लेटफॉर्म शुरू कर दिया है। उसके नेटवर्क में रोजाना 10 से 15 लाख रुपए तक का कलेक्शन पहुंचने की जानकारी है। इस नेटवर्क को हर्ष नाम का युवक संभालता है और शहर के कई सटोरिए उससे जुड़े हुए हैं। महादेव सट्टा एप मामले में भी रवि सोनकर का नाम कई बार सामने आया है, लेकिन वह अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। शिवाय बुक का कनेक्शन भी भिलाई से
राजनांदगांव पुलिस ने जुलाई 2025 में पहली बार शिवाय बुक का पैनल चलाने वालों को पकड़ा था। जांच में करीब 20 करोड़ रुपए के लेनदेन का खुलासा हुआ था। पुलिस को पता चला कि इस बुक का संचालन दुर्ग जिले के अंडा क्षेत्र से किया जा रहा था। इसके बाद जनवरी में पुलिस ने फिर इस नेटवर्क से जुड़े लोगों को पकड़ा, जो ऐप का नाम बदलकर 100 पैनल और फेयर प्ले के नाम से ऑनलाइन बेटिंग और जुआ संचालित कर रहे थे। इस बुक को चलाने वाले दो भाई बताए जाते हैं, जिनमें से एक भिलाई में और दूसरा पुणे में रहकर नेटवर्क संचालित करता है। म्यूल बैंक खातों से लेनदेन
ऑनलाइन सट्टे के नेटवर्क में लेनदेन किराए के बैंक खाते यानी ‘म्यूल अकाउंट’ से होता है। कमल सरदार, सत्यम यादव, गोपी, राहुल, नितेश चौहान, रवि और विशाल कुशवाहा समेत कई युवक कमीशन देकर ऐसे खाते उपलब्ध करा रहे हैं। इस बीच महादेव सट्टा एप के संचालक सौरभ चंद्राकर और रवि उत्पल ने कारोबार का करीब 70% हिस्सा श्रीलंका शिफ्ट कर दिया है। भिलाई के कुछ सटोरियों के दुबई जाने की खबर है।
रवि सोनकर का नाम ऑनलाइन सट्टा संचालन में सामने आया है। उसकी तलाश में कई ठिकानों पर दबिश दी गई है। पहले पकड़े गए सटोरियों से पूछताछ में पता चला कि पैनल उसी ने उपलब्ध कराए थे। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। -संजय सिंह, सहायक पुलिस आयुक्त, रायपुर

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *