छत्तीसगढ़ और तेलंगाना राज्य की सरहद पर स्थिति कर्रेगुट्टा में फोर्स के नक्सल ऑपरेशन को लेकर अब पॉलिटिक्स शुरू हो गई। पूर्व CM भूपेश बघेल ने कहा है कि, इस ऑपरेशन को लेकर मुख्यमंत्री, गृह मंत्री विजय शर्मा और DG के बयानों में विरोधाभास है। उन्होंने कहा कि चर्चा थी कि हिड़मा पकड़ा गया, उनके बड़े लीडर इस मुठभेड़ में मार गिराए गए हैं। CM साय ने बताया था कि संकल्प अभियान के तहत 22 नक्सलियों को मार गिराया गया है। फिर गृह मंत्री विजय शर्मा बयान देते हैं कि कोई संकल्प अभियान नहीं चल रहा और न ही 22 नक्सली मारे गए हैं। फिर कुछ आंकड़े सामने आए जिसमें कहा गया कि कुछ डेड बॉडी को बीजापुर लाया गया है। DG ने CM और गृहमंत्री दोनों के बयानों को खंडन किया है। वहीं बघेल ने कहा कि नक्सल मुक्त गांव घोषित करेंगे तो नक्सली वहां जाकर ग्रामीणों की हत्या भी कर सकते है। DG ने CM और गृह मंत्री के बयानों का किया खंडन बघेल ने कहा कि जिस जगह पर शव रखे गए थे वहां पत्रकारों को भी जाने नहीं दिया गया। फिर 14 मई को CRPF DG और छत्तीसगढ़ पुलिस DG ने हथियारों की प्रदर्शनी लगाई और कहा कि ब्लैक फॉरेस्ट अभियान के तहत 31 नक्सलियों को मारा गया है। प्रदर्शनी में जो हथियार रखे थे उसमें ज्यादातर संख्या एयर गन की भूपेश बघेल ने कहा कि, बड़ा सवाल ये है कि डेड बॉडी इतने दिन तक क्यों रखी गई? जिनको मारा गया उनका गांव कौन सा है? पुलिस ने ये स्पष्ट नहीं है। पुलिस ने इसकी जानकारी नहीं दी है। प्रदर्शनी में जो हथियार रखे गए थे उसमें ज्यादातर संख्या एयर गन की है। नक्सल मुक्त गांव घोषित किया तो होगी हत्या भूपेश बघेल का कहना है कि सरकार ने एक फैसला लिया है कि आप नक्सल मुक्त गांव घोषित करो विकास काम के लिए 1 करोड़ रुपए देंगे। ये अव्यवहारिक है। क्योंकि किसी गांव वाले ने लिख दिया हमारा गांव नक्सल मुक्त है, तो नक्सली उस गांव में पहुंचकर सरपंच या फिर पटेल को प्रताड़ित करेंगे उनकी हत्या भी कर सकते हैं। फर्जी केस में जेल में डाल रहे भूपेश बघेल ने आरोप लगाया है कि सरकारी विभाग में काम करने वाले आदिवासियों को फर्जी मामले में पकड़ा गया है। उन्होंने कहा कि, कांग्रेस कार्यकर्ता शशि गोटा, बालक छात्रावास के रसोइया जोगीराम पुनेम, पोटाकेबिन रसोइया विनोद कोरसा, वन विभाग का पेट्रोलिंग गार्ड अशोक कोरसा, रमेश, सुरेश ओयम, किसान बुधरु कुम्मा समेत अन्य को पकड़ा गया है। डेडलाइन तय करने से अधिकारियों पर दबाव पूर्व CM भूपेश बघेल से जब बीजापुर में पूछा गया कि क्या 2026 तक नक्सल का सफाया हो जाएगा? तो इसका जवाब देते कहा कि डेडलाइन तय होने से अधिकारियों पर दबाव है। किसी को भी पकड़कर ला रहे, जेल में ठूंस रहे हैं। NIA ने बहुत से लोगों को नक्सल मामले में गिरफ्तार किया है। लेकिन एक भी प्रमाण नहीं दे पा रहे। सिर्फ मीडिया में छाए रहने के लिए सरकार कुछ भी काम कर रही है। शांति वार्ता सरकार और नक्सलियों के बीच का मामला- भूपेश नक्सलियों के शांति वार्ता के प्रस्ताव को लेकर कहा कि ये सरकार और नक्सलियों के बीच का मामला है। जब हम सरकार में थे तब हमने कहा था कि भारत के संविधान पर विश्वास व्यक्त करें हम किसी भी माध्यम से बात करने को तैयार हैं। भूपेश बघेल का आरोप है कि कांकेर से लेकर बीजापुर तक यानी पूरे बस्तर संभाग में सैकड़ों आदिवासियों को नक्सल मामले में थाने बिठा कर रखा गया है। पुलिस लाइन में बिठा कर रखा गया है। न तो कोई आंकड़े पुलिस दे रही है और न ही इसके बारे में कुछ जानकारी दे रही है। NIA अलग-अलग धाराओं में उन्हें गिरफ्तार करेगी। इसी डर से हजारों आदिवासी पलायन करने बाध्य हो गए हैं। यदि वे गांव लौट आएं तो NIA गिरफ्तार कर लेगी। जमानत भी नहीं मिल पाएगा। …………………… इससे जड़ी खबर भी पढ़ें… ‘ऑपरेशन कर्रेगुट्टा’…24 दिन में 31 नक्सली ढेर:कांग्रेस ने कहा- कहीं आदिवासी तो नहीं मारे जा रहे; जिन्हें मारा गया उनकी पहचान कैसे हुई ? छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर पर 22 अप्रैल से शुरू हुए नक्सल ऑपरेशन का आज 24वां दिन है। फोर्स ने अब तक 31 नक्सलियों को मार गिराया गया है। वहीं IED ब्लास्ट की चपेट में आने से 8 से ज्यादा जवान जख्मी हुए हैं। हालांकि इसे लेकर कांग्रेस ने कई सवाल उठाए हैं। पढ़ें पूरी खबर…


