धौलपुर में पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने कलेक्ट्रेट सभागार में जिले के समस्त वृताधिकारियों, थानाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों के साथ अपराध गोष्ठी (क्राइम मीटिंग) की। इस बैठक में जिले की कानून व्यवस्था की गहन समीक्षा की गई। इसमें लंबित प्रकरणों, एफआईआर, वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी और पुलिस मुख्यालय द्वारा संचालित अभियानों की समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक ने थाना-वार लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के विशेष निर्देश दिए। उन्होंने एक वर्ष से अधिक समय से लंबित प्रकरणों, दुष्कर्म के दो माह से लंबित मामलों, एससी/एसटी, पॉक्सो, लोकसेवकों पर हमले के प्रकरणों, हत्या, डकैती, लूट और दुष्कर्म के अनट्रेस मामलों के त्वरित खुलासे के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। ‘ऑपरेशन शिकंजा’ के तहत की गई कार्रवाई की समीक्षा करते हुए इसे और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। आदतन अपराधियों पर सख्त निगरानी रखने, नए हिस्ट्रीशीटरों की पहचान कर नई हिस्ट्रीशीट खोलने और चोरी व नकबजनी जैसे अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए सूचना तंत्र मजबूत करने पर जोर दिया गया। अवैध मादक पदार्थों के परिवहन की रोकथाम, यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के निर्देश भी दिए गए। बीट क्षेत्र में सतत निगरानी, निरंतर गश्त, मालखानों में माल का व्यवस्थित रख-रखाव और लंबित मामलों व माल के शीघ्र निस्तारण को सुनिश्चित करने को कहा गया। पुलिस अधीक्षक ने थानों में लंबित शिकायतों के त्वरित निस्तारण, थाना भवनों और स्वागत कक्षों में स्वच्छता, सीसीटीवी कैमरों के उचित रखरखाव, आमजन से शालीन एवं संवेदनशील व्यवहार के निर्देश दिए। वांछित अपराधियों और स्थाई वारंटियों की गिरफ्तारी पर विशेष ध्यान देने, नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन एवं नाकाबंदी-गश्त बढ़ाने पर भी बल दिया गया। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा, एडीएफ बाड़ी कमल कुमार जांगिड़, शिकाऊ प्रकोष्ठ हवा सिंह, हीनियस क्राइम मॉनिटरिंग यूनिट गिर्राज मीणा सहित सभी वृताधिकारी और जिले के समस्त थानाधिकारी उपस्थित रहे।


