उदयपुर इन दिनों आग से खेलने वाले जांबाज अग्नि योद्धाओं की वीरता, फुर्ती और अनुशासन का साक्षी बन रहा है। खेलगांव व गांधी ग्राउंड में आयोजित ऑल इंडिया फायर सर्विस स्पोर्ट्स मीट में देशभर से आए 1547 फायर फाइटर्स पेशेवर कौशल का शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। बुधवार को फायर रेस्क्यू चैलेंज हुआ। यह मुकाबला केवल ताकत का नहीं, बल्कि समय, संतुलन और धैर्य की परीक्षा था। इसे 3 चरणों में बांटा गया। पहले में खिलाड़ियों को भारी फायर होज को तेजी से लपेटकर तय समय में सेट करना था। दूसरे में पानी से भरे केन उठाकर संकरी टनल पार करना, फिर 80 किलो वजनी डमी को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाना और रस्सी के सहारे ऊंची दीवार फांदना। अंतिम चरण में सीढ़ियों के माध्यम से मिशन टॉप तक पहुंचना था। देश में पहली बार आयोजन, फायर रेस्क्यू स्किल्स को दिया खेल का रूप उदयपुर के चीफ फायर ऑफिसर बाबूलाल चौधरी के अनुसार, प्रतियोगिता में डीआरडीओ, एयरपोर्ट अथॉरिटी सहित देश के सभी प्रमुख फायर स्टेशनों के खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। यह फायर डिपार्टमेंट के इतिहास में देश का पहला ऐसा आयोजन है, जिसमें फायर रेस्क्यू स्किल्स को प्रतिस्पर्धी खेल का रूप दिया गया है। इसका उद्देश्य फायर फाइटर्स को आपातकालीन परिस्थितियों के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से और अधिक सक्षम बनाना है। इसका फायदा उन्हें काम के दौरान मिलेगा। इससे आपातकालीन सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। वर्ल्ड फायर गेम्स के लिए तैयार होगा देश
बाबूलाल चौधरी बताते हैं कि यह आयोजन भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर के वर्ल्ड फायर फाइटर गेम्स के लिए तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम है। अब तक जहां खिलाड़ी व्यक्तिगत रूप से भाग लेते थे, वहीं अब एक संगठित राष्ट्रीय टीम तैयार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उदयपुर में यह आयोजन इसी की तैयारी है।


